February 08, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / प्रदेश के अग्रणी दिग्विजय महाविद्यालय में पत्रकारिता के कोर्स कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय रायपुर द्धारा संचालित है। जिसमें केवल दिग्विजय महाविद्यालय में 40 सीट निर्धारित हैं । प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष प्रवेश की जो प्रक्रिया है वह आनलाईन पद्धति से ली जा रही थी की अचानक से बीच में ही ऑनलाईन प्रवेश की प्रक्रिया विश्वविद्यालय द्धारा बंद कर दी गई हैं, जिसके चलते बहुत से इच्छुक विद्यार्थी अपना फार्म भरने से वंचित रह गये है।
नगर मंत्री कमलेश प्रजापति ने कहा कि पत्रकारिता देश का चौथा स्तंभ माना जाता हैं एक ओर विद्यार्थी पुरी तनमयता के साथ इस विषय को लेकर अपनी आगे की भविष्य को लेकर अग्रसर है तो वहीं विश्वविद्यालय अवसर के दरवाजे बंद कर रहे है। विद्यार्थी परिषद ने मांग पत्र सौंपे हुए कहा कि जल्द ही ऑनलाईन प्रवेश प्रारंभ किया जाये। अन्यथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन हेतु बाध्य होंगा। ज्ञापन सौंपाते वक्त मुख्य रूप से नगर मंत्री कमलेश प्रजापति नगर सहमंत्री अशीष सोरी, षनुध मिश्रा, अनिकेत साहू, राकेश साहू हरिश सोनवानी ,शशांक दुबे अन्य उपस्थित थे।

सेहत / शौर्यपथ / कद्दू की सब्जी तो आपने कई बार खाई होगी, कद्दू के सेहत फायदे भी जानते होंगे लेकिन हम आपको कद्दू के…
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में एक प्रथा सी चल गयी है जो गोस्वामी बोले वही सही उसके आगे शासन का कोई नियम काम नहीं करता सब…

दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम सीमा क्षेेत्र के आम नागरिक एवं गणोशत्सव समिति गणेश विसर्जन ठगड़ाबांध, शिवनाथ नदी गुरुद्वारा, कसारीडीह शीतला तालाब, और उरला का बांधा तालाब में सुविधाजनक पूर्वक कर सकेगें। इन स्थानों पर नगर निगम दुर्ग द्वारा साफ-सफाई के साथ पहुॅच मार्ग को दुरुस्त कर लाईट और माईक की व्यवस्था की गई है।
उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी महापौर धीरज बाकलीवाल के निर्देशानुसार शहर में गणपति विसर्जन के लिए चार स्थानों पर तैयारी और व्यवस्था किया जा रहा है। इसके तहत् शिवनाथ नदी गुरुद्वारा रोज के गड्ढो को डस्ट से भर कर समतलीकरण किया जा रहा है वहीं कसारीडीह शीतला तालाब, ठगड़ाबांध, और उरला बांधा तालाब पार की साफ-सफाई करायी गई । इन जगहों पर पहुॅच मार्ग में पर्याप्त लाईट की व्यवस्था की जा रही है वहीं माईक और साफ-सफाई करायी गई ।

दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टोरेट सभागार में आज हुई बैठक में छग चेंबर ऑफ कॉमर्स भिलाई ईकाई के पदाधिकारियों ने बाजारों को लेकर कई सुझाव दिए। कलेक्टर डॉ सुरेश्वर भूरे के साथ हुई बैठक में व्यापारियों की ओर से चेंबर के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। प्रदेश उपाध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा ने बताया कि भिलाई चेम्बर द्वारा यह सुझाव प्रेषित किया गया कि सभी दुकाने सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुलने की अनुमति प्रदान की जाए।
इस मौके पर भिलाई चेंबर के संयोजक अजय भसीन ने अपनी बात प्रस्तुत करते हुए कहा कि रविवार दुकान बंद होने की वजह से शनिवार व सोमवार को बाजारों में अतिरिक्त भीड़ हो जाती है। इसलिए साप्ताहिक अवकाश गुमास्ता एक्ट के तहत ही हो। भिलाई के सभी बाजारों में साप्ताहिक अवकाश वाले दिन दुकाने बंद रहे यह सुनिश्चित किया जाए। मेडिकल स्टोर जो शाम 7 बजे बंद हो रहे है उन्हें भी रात्रि 9 बजे खोंलने की अनुमति दी जाए। पेट्रोल पंप को भी आवश्यक वस्तु के तहत रात्रि तक खोंलने कि अनुमति दी जाए। कलेक्टरेट में आयोजित बैठक में चेंबर की ओर से अश्वनी देवानी,नरेश वासवानी, रवि विजवानी, शंकर सचदेव व पदाधिकारी उपस्थित थे।

दुर्ग / शौर्यपथ / संसदीय क्षेत्र के लिए सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में आज अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए। बैठक में सड़कों में दुर्घटनाओं को रोकने सहायक सड़कों पर रंबल स्ट्रिप बनाने, आवारा मवेशियों को सड़क से हटाने ड्राइव चलाने तथा स्ट्रीट लाइट की समस्या वाली सड़कों पर विशेष रूप से कार्य करने का निर्णय लिया गया। बैठक में सांसद विजय बघेल ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की वजह से बहुत सी अनमोल जाने जाती हैं लेकिन इंजीनियरिंग साइड से थोड़े से तकनीकी परिवर्तन कर बहुत सी दुर्घटनाएं रोकी जा सकती हैं। इस संबंध में कार्य किया जाए।
सांसद विजय विजय बघेल उन्होंने कहा कि जहां पर जरूरत है वहां रंबल स्ट्रिप और संकेतक लगाए जाएं। जो ब्रेकर अनुपयुक्त हैं अथवा इंजीनियरिंग की दृष्टि से सही नहीं बने हैं उन्हें हटाने की और ठीक करने की कार्रवाई की जाए। बैठक में आवारा मवेशियों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं पर चर्चा की गई। सदस्यों ने कहा कि गौठानों के निर्माण हो जाने की वजह से पशुओं को यहां रखने में आसानी होगी। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिये कि इसके लिए लगातार ड्राइव चलाया जाए। भिलाई स्टील प्लांट एरिया की कुछ सड़कों पर और नगर की कुछ अन्य सड़कों में स्ट्रीट लाइट की समस्या की बात भी बैठक में रखी गई जिस पर अविलंब कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग में 4 ब्लैक स्पाट एवं 13 ग्रे स्पाट पर विशेष ध्यान देते हुए संकेतक बोर्ड, रंबल स्ट्रीप लगाने एवं अभियांत्रिकीय दोष दूर करने पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यातायात की सुगमता को देखते हुए कार्य किया जाए। सड़क सुरक्षा समिति की सबसे अहम जिम्मेदारी सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है इसके लिए जिस तरह के भी तकनीकी निर्णय और कार्य किये जाने हैं उस पर कार्य किया जाए। बैठक में स्कूलों में भी सड़क सुरक्षा से संबंधित बातें बताने की बात सांसद ने कही। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सिलेबस में यह शामिल है और बच्चों को इस संबंध में जागरूक करने लगातार विशेष रूप से पहल की जाती है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूलों के सामने इमरजेंसी नंबर लिखवाये गये हैं। कुछ स्कूलों में यह कार्य बाकी है जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में ड्राइवरों के नेत्र परीक्षण एवं स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से कराने के निर्देश भी सीएमएचओ को दिये गये। बैठक में अवैध होर्डिंग एवं गलत स्थान पर लगाये गए होर्डिंग भी हटाने का निर्णय लिया गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक ने ग्रामीण क्षेत्र में इस संबंध में हो रहे कार्यों की जानकारी दी। बैठक में विधायक विद्यारतन भसीन, दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ / महंगाई की मार को लेकर प्रदेश कांग्रेस की नेत्री वंदना राजपूत ने पीएम मोदी पर कडा प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने मन की बात की 68 वी कड़ी में अपने विचार व्यक्त किए, मोदी जी ने मन की बात में एक बार भी बढ़ती हुईं महगांई के मुद्दे का जिक्र भी नहीं किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते आर्थिक बदहाली से जूझ रहे आम उपभोक्ताओं पर महगांई की मार बढ़ती जा रही हैं। देश में बढ़ती महगांई को रोकने में केंद्र सरकार पूरी तरह से विफल रही हैं।
मोदी जी ने 6 साल पहले से दस मिनट के भाषण में कितनी बार महगांई को कम करने की बात की है। जब से मोदी जी के हाथों में जनता ने केन्द्र की चाबी सौंपी है तब से महगांई बेलगाम होती चली जा रही हैं डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों ने जनता के जेब पर डाका डाला है। डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों का असर आवश्यक दैनिक वस्तुओ पर पड़ा है। आज महगांई आसमान छू रही है। क्यो मोदी जी को मालूम नहीं है क्या? डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों के कारण परिवहन का किराया बढ़ेगा, जिसके कारण हर एक वस्तु महंगी हो जायेगी। बेलगाम महगांई चिंताजनक है लेकिन प्रधानमंत्री जी ने ना कभी इस पर चिन्ता की और ना बढ़ती हुये महगांई को रोकने आवश्यक कदम उठाए।
वंदना राजपूत ने कहा कि मोदी जी के मन की बात का आयोजन जब-जब होता है तब-तब महिलाओं को लगता है कि अब शायद मोदी जी महगांई के मुद्दे पर चर्चा करके महगांई से थोड़ा बहुत निजात दिलाएंगे लेकिन हर बार महिलाओं के हाथ निराशा लगती है। बढ़ती महगांई के कारण रसोई का बजट बिगड़ गया है। बेशक भारत की जनता बहुत सहनशील और भावनात्मक है लेकिन 80-90 रुपए लीटर के भाव का डीजल- पेट्रोल बेचकर कब तक मोदी जी जनता के भावनाओं से खिलवाड़ करेंगे। प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कोरोना काल में लोगों की आमदनी कम हो गई हैं। पहले से ही बेरोजगारी की मार थी। कोरोना काल में जिसके पास रोजगार था वह भी छिन गया। आमदनी चव्वनी और खर्चा रूपया हो गया है, केन्द्र सरकार प्रमुख मुद्दे को छोड़ बाकी सभी विषयों पर बात करती हैं। केन्द्र सरकार अपनी जिममेदारियों से भाग रही है।
वंदना राजपूत ने कहा कि पिछले 6 साल में मंदी ने भारत की अर्थव्यवस्था की हालत खराब कर दी है। मंदी के इस दौर में पहले नरेन्द्र मोदी ने नोट बंदी की और फिर जीएसटी, रही-सही असर कोरोना ने पूरी कर दी। देश की जनता को भी 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज पर सवाल उठाने का अधिकार है आखिर उसका बड़ा लाभ कौन उठा रहा है। बेहतर होगा कि केंद्र सरकार संघीय ढांचे और उसमें मुखिया की अपनी भूमिका को समझें। छह माह पुराने कोरोना ने आज पूरे भारत में पांव पसार लिया है, मोदी यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाते तो कोरोना के मरीजों की संख्या 35 लाख के पार नहीं होती।

नई दिल्ली / एजेंसी / भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया है. भारत के चहेते राष्ट्रपतियों में शुमार 84 साल के प्रणब मुखर्जी दिल्ली में आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल में भर्ती थे. उनकी ब्रेन सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उनकी हालत नाजुक होने के चलते उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. उनके ब्रेन में एक थक्का बन गया था, जिसको निकालने के लिए ऑपरेशन किया गया था. आर्मी अस्पताल की ओर से जानकारी दी गई थी 10 अगस्त को पूर्व राष्ट्रपति की सर्जरी हुई थी, लेकिन उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं दिख रहा था. इसके साथ ही उनको कोरोनावायरस का संक्रमण भी था.
भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के जाने पर पूरे देश में शोक की लहर है. नेताओं से लेकर आम जनता उन्हें श्रद्धांजलि दे रही है. राष्ट्रपति को महामहिम कहे जाने की रीति से ऐतराज करने वाले प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के राष्ट्रपति थे. उनका राजनीतिक जीवन 40 सालों से भी ज्यादा लंबा रहा है. कांग्रेस पार्टी में रहते हुए उन्होंने विदेश से लेकर रक्षा, वित्त और वाणिज्य मंत्री तक की भूमिका निभाई. उन्होंने भारतीय राजनीति को बहुत लंबे समय तक, बहुत करीब से देखा, हम एक बार उनकी निजी जिंदगी और राजनीतिक करियर पर नजर डाल रहे हैं.
- प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर, 1935 को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक छोटे से गांव मिराती के एक साधारण से परिवार में हुआ था. उनके पिता कामदा किंकर मुखर्जी स्वतंत्रता सेनानी थे और उनकी मां का नाम राजलक्ष्मी था. प्रणब मुखर्जी के पिता भी कांग्रेसी नेता थे और आजादी की लड़ाई में कई बार जेल गए.
- प्रणब मुखर्जी ने अच्छी शिक्षा प्राप्त की. उन्होंने स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद कोलकाता यूनिवर्सिटी इतिहास और राजनीति शास्त्र में ग्रेजुएशन किया था और लॉ की पढ़ाई भी की थी. उन्होंने सबसे पहले बतौर कॉलेज टीचर अपना करियर शुरू किया लेकिन नेता पिता की संतान होने के चलते वो राजनीति से दूर नहीं रहे और 1969 में चुनकर राज्यसभा में आ गए. इस तरह उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई.
- उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के मार्गदर्शन में काम किया. 1973-74 में उन्हें उद्योग, जहाजरानी व परिवहन से लेकर इस्पात व उद्योग उपमंत्री और वित्त राज्यमंत्री बनाया गया.
- 1982 में प्रणब मुखर्जी इंदिरा गांधी के कैबिनेट में वित्तमंत्री बने. इसके बाद 2012 तक कांग्रेस में रहने के दौरान कांग्रेस की सरकारों के कार्यकालों में उन्होंने वाणिज्य मंत्री, विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री जैसी अहम भूमिकाएं निभाईं. वो दो बार विदेश मंत्री बने- 1995 से 1996 तक फिर 2006 से 2009 तक. मुखर्जी 1991 से 1996 तक योजना आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे.
- 2012 में उन्होंने 25 जुलाई को भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और 2017 तक देश के राष्ट्रपति के रूप में अपनी सेवा देते रहे. संवैधानिक नियम के मुताबिक, राष्ट्रपति चुनाव लडऩे से पहले उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.
- पूर्व राष्ट्रपति ने कूटनीतिक स्तर पर भी अहम भूमिकाएं निभाईं. मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक और अफ्रीकी विकास बैंकों के संचालक मंडलों में रहे. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा से लेकर गुटनिरपेक्ष विदेश मंत्रियों के सम्मेलन सहित कई सम्मेलनों में भारत का नेतृत्व किया.
- प्रणब मुखर्जी को 2019 में भारत सरकार ने भारत रत्न से नवाजा था. इसके पहले 2008 में उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च पुरस्कार पद्म विभूषण से नवाजा गया था. इसके अलावा वो सर्वोत्तम सांसद और प्रशासक भी रह चुके थे. उन्हें दुनियाभर के विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की उपाधियां मिली हुई थीं.
- भारत के सक्षम प्रशासक नेताओं में से एक माने जाने वाले प्रणब मुखर्जी ने भारतीय अर्थव्यवस्था से लेकर एक देश के निर्माण जैसे विषयों पर कई किताबें लिखी हैं. "The Turbulent Years- 1980-1996Ó, ÒThe Coalition YearsÓ, ÒThe Dramatic DecadeÑ The Indira Gandhi Years, और 'Thoughts and Reflections " उनकी कुछ चर्चित किताबें हैं.

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए इसे राष्ट्र के लिए अपूरनीय क्षति बताया और इस दुख की घड़ी में परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने अपने शोक सन्देश में कहा है कि श्री प्रणब मुखर्जी ने अपने लंबे राजनैतिक जीवन में देश की उन्नति और समाज के हर वर्ग के हित के लिए कार्य करते हुए अपना अभूतपूर्व योगदान दिया। उनका निधन राष्ट्रीय क्षति है, इस कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की यादें छत्तीसगढ़ से भी जुड़ी हुई हैं। उन्होंने वर्ष 2007 में विदेश मंत्री रहते हुए राजधानी रायपुर में नवीन पासपोर्ट कार्यालय का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए वर्ष 2012 में 6 और 7 नवम्बर 2012 को दो दिवसीय यात्रा के दौरान राज्योत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के साथ ही उन्होंने नए मंत्रालय परिसर का उद्घाटन, स्वामी विवेकानन्द हवाई अड्डा रायपुर में नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। श्री मुखर्जी अपनी इस यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जिला नारायणपुर में जनजाति कल्याण विभाग के 500 सीटर छात्रावास और रामकृष्ण मिशन आश्रम के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के भवन की आधारशिला रखी। श्री मुखर्जी 26 जुलाई 2014 को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के स्वर्ण जयंती दीक्षांत समारोह और 17 अप्रैल 2015 को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में भी शामिल हुए थे।

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