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मेनरोड के गड्ढे की कर रहे लुकचंद,राजकुमार खांडे मरम्मत । दुर्घटना देखकर उठाया कदम

  • devendra yadav birth day

मुंगेली शौर्यपथ// कभी कभी कुछ छोटी छोटी घटनाएं हमे सीख दी जाती है और प्रेरित करती है मुंगेली से फास्टरपुर के बीच कई जगह रोड इतना खराब हो गया है उसमें दुर्घटनाएं होती रहती है खास कर कुछ स्थान है जैसे बावाजी के फार्म हाउस के पास फिर गजिया नवगांव के पास फिर झगरट्टा के बाद सितलदह दाबो और सिल्ली के पास अक्सर रोड खराब हो जाता है pwd आफिस में काम तभी होता है जब इधर कोई बड़ा नेता आने वाला हो या कोई बड़ा दबाव बने तभी सामान्यतः इन स्थानों में रोड खराब ही रहता है अक्सर एक्सीडेंट होता रहता है । मै अकाश परिहार कल 17 नवम्बर मेरा जनमदिन में मेरे कुछ मित्र घर आने वाले थे उनकी स्वागत तैयारी के लिए घर जल्दी जाना था शाम अंधेरा हो गया था जब मुंगेली से लौटते समय सितलदह के पास मैन देखा दो आदमी सड़क किनारे खोद कर सड़क के गड्ढा को पाट रहे थे मुझे रहा नही गया लौट कर वापस गया मैन पूछा आप लोग सरपंच के कहने पर पाट रहे है बोले नही भैया यहां रोज एक्सीडेंट होता रहता है तो लगा कि हमे पाटना चाहिए बस इसलिए पाट रहे है हम कोई पंचायत के आदमी नही है बस लोंगो को यहां रात में गड्ढा दिखता नही है लोग गड्ढे के कारण गिर जाते है बस लोंगो को गिरने से बचाने के लिए पाट रहे है.... यह सुनकर मेरा दिल गदगद हो गया ..मैंने उनका नाम पूछा..एक लुकचंद खांडे और दूसरा राजकुमार खांडे... सभी लोंगो के मन मे इतनी संवेदनशीलता और समाज मे अन्य लोंगो के प्रति इतनी परवाह करने लगे तो राम राज्य आने में देर नही लगेगी राम राज्य कोई पार्टी या सरकार नही ला सकती जब तक एक आम आदमी समाज और लोंगो की इतनी परवाह न करने लगे ....पंचायती राज व्यवस्था प्रजातंत्र की उत्तम व्यवस्था है जिसमे आम आदमी को अपने विकास के अवसर प्रदान करती है क्योंकि जिला के अधिकारी हर गांव की आवश्यकता और चुनॉतियो को जान नही सकते गांव का आदमी ही जान सकता है गांव की जरूरत क्या है गांव के लोंगो को अवसर देते है आप अपना विकास स्वयं करिये किसी बड़े अधिकारी के पास जाने की जरूरत नही क्योंकि अधिकारी बाहर का आदमी है उसे आपके गांव में रहना है नही उनको आपके गांव के निस्तार के चीजों की परवाह नही रहेगी अपने बीच से कुछ लोगों को चुन लो जिन्हें गांव की सड़क तालाब भवन बनाने के लिए गांव के विकास के लिये पैसे दे दिए जाएंगे आप लोग अपने गांव की सड़क जिसको आप ही उपयोग करेंगे और आप ही अपना काम करेंगे आप को इसके पैसे भी दिए जाएंगे रोजगार गारंटी के अंतर्गत..... भई वाह! ...क्या बात है हमे अपने ही निस्तार के सड़क तालाब भवन बनाने के लिए पैसे भी दिए जाएंगे .....गांव के विकास को कोई नही रोक सकता....पर संविधान निर्माताओं को कल्पना भी नही रही होगी कि लोग इतने बेवकूफ होंगे कि अपने उपयोग के लिए बनाए जाने वाले सड़क को पैसे लेकर भी हम काम नही करेंगे ....और अपने गांव के सड़क के निर्माण को जिसकी हमे निगरानी करनी थी ....खुद रोजगार गारंटी के पैसे लेकर काम नही करेंगे....इस सड़क को कोई नही बनवा सकता जिसको उपयोग करना है वही पैसे लेकर भी काम नही करेगा तो किसी और नेता या अधिकारी को क्यो परवाह होगी.....ऐसे समय मे किसी आम आदमी को निस्वार्थ काम करते हुवे देखना....अच्छा लगता है....परिवर्तन .....बदलाव की उम्मीद....है....समाज मे ....संवेदना...भी है....और निस्वार्थ काम करने की इच्छा भी...!

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akhil tonder

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