मुंगेली/शौर्यपथ /
जिले में लर्निंग लायसेेंस बनाने हेतु 12 परिवहन सुविधा केन्द्र खोले जाएंगे। इस हेतु 20 मई 2022 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक आवेदक विहित आवेदन शुल्क दो सौ रूपए सहित आवेदन पत्र जिला परिवहन कार्यालय मुंगेली में प्रस्तुत कर सकते हैं। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि परिवहन सुविधा केन्द्र भारत सरकार के राजपत्र क्रमांक 240(अ) 31 मार्च 2021 के अनुसार लर्निंग लायसेंस बनाने हेतु परिवहन सुविधा केन्द्र को अधीकृत किया गया है। परिवहन सुविधा केन्द्र के संचालन के लिए प्राधिकार पत्र अभिप्राप्त करने हेतु कोई व्यक्ति संगठन, संघ, पंजीकृत स्व सहायता समूह/सहकारी समिति या कोई भी विधिक इकाई पात्र होंगे। इसी तरह इच्छुक आवेदक के पास कम से कम 100 वर्गफुट का स्वयं का भवन अथवा किराया अनुबंध भवन उपलब्ध होना आवश्यक है। लर्निंग लायसेंस हेतु पृथक से विभाजित कक्ष होना आवश्यक है तथा लर्निंग लायसेंस टेस्ट को देते समय आवेदक के अलावा किसी अन्य की उपस्थिति नहीं हो यह सुनिश्चित किया जाना होगा।
सुविधा केन्द्र संचालन हेतु आवश्यकतानुसार जीएसटी प्रमाण पत्र अथवा नगरीय निकाय द्वारा गुमाश्ता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवेदकों हेतु मूलभूत व्यवस्था सहित प्रतिक्षालय एवं कार्य हेतु पृथक से तकनीकी सुविधा युक्त कक्ष हो। आने वाले आवेदकों हेतु पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो। कार्यस्थल में पर्याप्त मात्रा में कम्प्यूटर, कैमरा, बॉयोमैट्रिक डिवाइसेस, सिग्नेचर पैड, इंटरनेट कनेक्टिविटी एवं समय-समय पर आवश्यकतानुसार अन्य तकनीकी उपकरणों की उपलब्धता हो। प्रतिक्षालय एवं कार्यस्थल में सी.सी.टी.व्ही. कैमरा लगा हो। नियुक्ति हेतु आवेदक को उच्चतर माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण तथा न्यूनतम कम्प्यूटर शैक्षणिक अर्हता डीसीए या पीजीडीसीए अथवा समकक्ष योग्यता होना चाहिए। आवेदक से 01 लाख रूपए की बैंक गारण्टी की राशि ली जाएगी तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (गरीबी रेखा) दिव्यांग एवं थर्ड जेण्डर के लिए बैंक गारण्टी हेतु 25 हजार रूपए की राशि ली जाएगी, जिस हेतु सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। साथ ही महिलाओं के लिए भी बैंक गारण्टी हेतु 25 हजार रूपए की राशि ली जाएगी। किसी भी शास्ति की दशा में संचालक द्वारा जमा किए गए बैंक गारण्टी से स्वत: ही शास्ति की राशि वसूल कर ली जाएगी। कोई भी व्यक्ति नियुक्ति के लिए अर्ह नहीं होगा, यदि वह अच्छे सदाचारिक चरित्र का न हो जिसके लिए जिले के पुलिस अधीक्षक से जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।