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कांगेर घाटी के गोद में बसे दुर्गम और अतिसंवेदनशील गांव चांदामेटा में पहली बार दल-बल के साथ पहुंचे जिला प्रशासन के मुखिया

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जगदलपुर /शौर्यपथ/

  कांगेर घाटी के गोद में बसे दरभा विकासखण्ड के अतिसंवेदनशील और दुर्गम गांव चांदामेटा में आज जनचौपाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। यहां कलेक्टर श्री रजत बंसल, पुलिस अधीक्षक  जितेन्द्र मीणा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के संचालक  धम्मशील गणवीर सहित आला अधिकारी पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और ग्रामीणों की मांग पर कई सौगातें भी दीं। पहली बार जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर  बंसल को देखकर ग्रामीणों में खासा उत्साह दिखा, वहीं कलेक्टर सहित अधिकारियों के आत्मीय और मधुर व्यवहार से ग्रामीणों में अत्यंत प्रसन्नता दिखी।

चांदामेटा के ग्रामीणों की मांग के अनुसार बस्तर कलेक्टर ने तत्काल आंगनबाड़ी केंद्र ,स्वास्थ्य सुविधा संचालन करने सम्बंधित अधिकारी को निर्देश दिये। राशन कार्ड व राशन वितरण हेतु भवन, वृद्धा पेंशन हेतु आवेदन तैयार करने, राशन कार्ड दिलाने पंचायत सचिव को निर्देश दिया। चांदामेटा के पटेलपारा में देवगुड़ी निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की। ग्रामीणों की मांग पर चांदामेटा में शीघ्र ही मोबाइल टावर लगाने की बात भी अधिकारियों ने कही।

चांदामेटा गांव में जन चैपाल समाधान शिविर के आयोजन से शासन के आला अधिकारी चांदामेटा पहुंचे जहां ग्रामीण आला अधिकारी के उपस्थिति को देख खुश नजर आये क्योंकि आजादी के पश्चात पहली बार यहां शिविर लगा और बस्तर कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक सहित आला अधिकारी चांदामेटा पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, कृषि विभाग, क्रेडा विभाग, विद्युत विभाग, पशुचिकित्सा विभाग सहित सभी विभागीय अधिकारियों ने चैपाल लगा कर ग्रामीणों की समस्या सुना। यहां इस दौरान ग्रामीणों ऋण पुस्तिका , राशन कार्ड , बीज , फलदार पौधा का वितरण किया गया। बस्तर रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने ग्रामीणों को हाईजिन किट और मच्छरदानी का वितरण भी किया।

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