डोंगरगांव : भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज क्षेत्रीय विधायक दलेश्वर साहू पर 21 बिन्दुओं में आरोप लगाते हुए उनके निवास का घेराव किया। एक साल के अंतराल में लगभग चौथी बार आयोजित विधायक निवास के घेराव में भाजपा, भाजयुमो पदाधिकारियों ने जमकर जोश खरोश दिखाया। इस बीच 6 – 7 जगहों पर कार्यकर्ताओं ने विधायक का पुतला भी फूंका।
भाजपा ने राज्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा लगातार दूसरी बार क्षेत्र से विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे दलेश्वर साहू पर अनेक तरह के आरोप लगाये हैं। भाजपा ने आरोप पत्र जारी करते हुए विधायक श्री साहू पर सत्ता के भूखे और राजनीति को स्वार्थपूर्ति का साधन मानकर काम करने का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि पिछले दस वर्षों में विधायक ने कथित ईमानदारी का चादर ओढक़र न सिर्फ अपना उल् लू सीधा किया, वरन् आमजनता को ठगने का काम भी किया, जिसकी गवाह क्षेत्र की जनता है।
भाजपा द्वारा जारी आरोप पत्र में विधायक पर आरोप लगाया गया कि जब पूरा क्षेत्र कोरोना महामारी से जूझ रहा था, तब विधायक दलेश्वर साहू ने आपदा को अवसर बनाते और लोगों के जीवन को खतरे में डालते हुए लालबहादुरनगर में लोक मंड़ई का आयोजन कर कोरोना को फैलाने का कार्य किया था। साथ ही उन्होनें आपदा को अवसर बनाते हुए निजी वाहनों में शासन के विभाग से डीजल डलवाया। जिसका भुगतान सरकारी अस्पताल व नगर पंचायत से करवाया तथा एबुलेंस में डलवाने का झूठा श्रेय लिया गया। दर्री एनिकट में किसानों की जमीन बहने के बाद भी विधायक मौन रहे। आज तक किसानों के 16 एकड़ जमीन बहने के बाद भी विधायक ने स्थल का निरीक्षण भी नहीं किया है।
इसके अलावा विधायक की अदूरदर्शिता के कारण डोंगरगांव नगर के लिए आवश्यक जल आवर्धन योजना का मामला खटाई में पड़ा। इसके कारण आज भी नगर के लोगों को गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसी प्रकार डोंगरगांव नगर के सौंदर्यीकरण अंतर्गत किये जा रहे सडक़ चौड़ीकरण का कार्य पूरी तरह से गुणवत्ताहीन और अदूरदर्शितापूर्ण तरीके से किया जा रहा है। न तो पाईप लाईन शिफ्ंिटग किया गया और न ही मापदण्ड के अनुसार कार्य हो रहा है। विधायक अपने ही ड्रीम प्रोजेक्ट की बरबादी पर आखिर किस मजबूरी से मौन साधे हुए हैं? भाजपा द्वारा यह भी आरोप लगाया गया है कि विधायक द्वारा स्वेच्छानुदान व जनसंपर्क राशि का जमकर दुरूपयोग किया गया है। उन्होनें न सिर्फ अपनी पत्नि श्रीमती जयश्री साहू की संस्था सृजन फाउण्डेशन को 5 लाख रू. दिया वरन् कांग्रेस के सेक्टर प्रभारियों व कार्यकर्ताओं को स्वेच्छानुदान से मोटी रकम दी गई। भाजपा द्वारा यह भी आरोप लगाया गया कि पिछले चुनाव में विधायक द्वारा आमजनता के बीच मनुहार निवेदन पत्र बांटा गया था, जिसमें से आज तक अनेक वादे पूरे नहीं का आमजनता से वादाखिलाफी की गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि किसानों का 10 दिनों के भीतर पूरा कर्जा माफ करने की बात की गई थी, परन्तु बहुत सारे किसान आज भी कर्जमाफी से वंचित हैं। 5 एच पी तक सभी पंपों के तथा घरेरू बिजली फ्री की घोषणा भी आज तक अधूरी है। सभी माताओं को महतारी स्वास्थ्य निधि से 5 सौ रू. मासिक देने का वादा, महिला समूह व महिला कमान्डो बहनों को वैधानिक दर्जा व सम्मान निधि देने का वादा, सभी बेरोजगारों को रोजगार नहीं तो बेरोजगारी भत्ते का वादा आज तक अधूरा है। भाजपा ने जारी आरोप पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि विधायक के संरक्षण में पूरे क्षेत्र में रेत तथा मुरूम का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। खनिज माफिया से गठजोड़ लाखों की वसूली की जा रही है। इसके साथ ही विधायक के संरक्षण में पूरे क्षेत्र में जुआ, सट्टा तथा अवैध शराब का कारोबार गली मुहल्लों में चल रहा है। डोंगरगांव नगर पंचायत क्षेत्र में पट्टा वितरण में बंदरबाट तथा अवैध वसूली पर विधायक का मौन समझ से परे है, आज तक दोषियों पर कोई नहीं हो पाई है। वैसे भी विधायक की अकर्मण्यता के कारण क्षेत्र के गरीबों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आज पूरे विधानसभा क्षेत्र में सडक़ों की हालत खराब है, मरम्मत तक नहीं हो पा रहा है, कई स्कूलों में भवन नहीं है, स्कूल व अस्पताल में स्टॉफ की कमी है, स्टॉफ की पूति नहीं की जा रही है। विधायक व राज्य सरकार दरा किये जा रहे विकास के दावे खोखले हैं। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक द्वारा नगर पंचायत डोंगरगांव में अपने चहेते ठेकेदारों को नियम विरूद्ध कार्य दिलवाने के साथ घटिया निर्माण को प्रश्रय दिया जा रहा है। नगर के कॉलेज रोड में निर्मित 67 लाख रू. नाली निर्माण अजूबा बना हुआ है, वहीं दो करोड़ की लागत से निर्मित मिनी स्टेडियम घटिया निर्माण का उदाहरण है, पूरे नगर में घटिया सीसी रोड, सीसी नाली का निर्माण हुआ, जो बनने के दो महिने बाद ही खराब हो गये। इसी प्रकार सेवताटोला तालाब सौंदर्यीकरण में भी भारी भ्रष्टाचार किया गया, यहां तालाब की मिट्टी बेच दी गई, ऊपर से ट्रांसपोर्टिंक का पैसा नगर पंचायत से निकाल लिया गया।
आरोप पत्र के अनुसार विधायक द्वारा ग्राम पंचायतों में सरपंचों के ऊपर दबाव डालकर अपने चहेतों को निर्माण कार्य दिलवाया गया और उनके द्वारा किये गये घटिया निर्माण को प्रश्रय दिया। यहां तक कि ग्राम पंचायत रामाटोला उपसरपंच ईश्वर कंवर द्वारा पैसा आहरण कर विधायक के चहेते ठेकेदार को दिया गया, ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य नहीं करने पर अपने पिता के इकलौते संतान उपसरपंच ईश्वर कंवर को आत्महत्या करना पड़ा। भाजपा ने विधायक पर अपनी संकुचित मानसिकता के कारण पहुंचविहीन तथा ड्राई एरिया में सरकारी हॉस्पीटल के निर्माण, अपने निजी फायदे के लिए ग्राम आलीवारा में सरकारी राशि से गौटिया गौटनिन गार्डन का निर्माण, विधायक निधि तथा राज्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण से ओपन जिम व यात्री प्रतिक्षालय में सामग्री सप्लाई में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने का भी आरोप जड़ा। इसके अलावा लोक मंड़ई के आयोजन में जनपद पंचायत डोंगरगांव व डोंगरगढ़ तथा नगर पंचायत डोंगरगांव से बिलों का भुगतान करवाया गया, साथ ही स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन राशि का लोक मंड़ई में दुरूपयोग किया गया।
लगभग 21 बिन्दुओं में विधायक के विरूद्ध जारी आरोप पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि किसानों का हितैषी होने का दावा करने विधायक दलेश्वर साहू खल्लारी के किसान आनंद कंवर द्वारा आत्महत्या करने पर उनके परिवार से मिलने तक नहीं पहुंचे और न ही कोई भी सहायता राशि परिवारवालों को दिलवाई। इसी प्रकार नगर के सब्जी विक्रेताओं का दस सालों के बाद भी उचित व्यवस्थापन नहीं हो पाया है। आज भी सब्जी विक्रेता दर दर की ठोकर खाने को हैं मजबूर हैं। इसके सहित गार्डन निर्माण में भी जमकर बंदरबाट और भ्रष्टाचार किया गया है तथा जल्दबाजी में गुणवत्ताहीन गार्डन का निर्माण हुआ है।
उक्त आरोपों के साथ भाजपा व भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पुतले की अर्थी निकालते हुए नगर का भ्रमण किया, पश्चात् पैदल मार्च करते हुए मोंगरा कॉलोनी स्थित विधायक निवास पहुंचे। यहां पर पहले से तैनात पुलिस वालों ने विधायक निवास जाने वाले गेट में मजबूत बेरिकेटिंग की थी, जिसको लांघते हुए कुछ युवा कार्यकर्ता विधायक निवास तक पहुंच गये। यहां पर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी। यहां पर भाजपा नेता दिनेश गांधी ने विधायक के खिलाफ जारी आरोप पत्र का पठन किया। आज के प्रदर्शन में प्रमुख रूप से भाजपा के दिनेश गांधी, भरत वर्मा, खेदूराम साहू, निरेन्द्र साहू, लक्ष्मीनारायण गुप्ता, टामेश्वर साहू, शिवनारायण साहू, रामकुमार गुप्ता, बोधीराम साहू, डिकेश साहू, राजा जैन, टीलेंद्र देवांगन , श्रेणिक बोथरा, प्रवेश ठाकुर, विजय जैन, तिमेश साहू, मनीष साहू, जितेन्द्र वर्मा, राजू यादव, भानु सोनी, गजेन्द्र साहू, दुर्गेश सिन्हा, नसीब रात्रे, राजू गिरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।