कोंडागांव- बस स्टैंड के स्थानंतरण के बाद कोंडागांव बस स्टैंड में टूरिज्म को मिलने लगा पैकिंग की सुविधाएं होटलों में होने लगी भीड़ ।
कोंडागांव कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना का आदेश कामगार दिखाई देने लगा है नया बस स्टैंड चालू कराने व पुराना बस स्टैंड में बस प्रतिबंधित करने से अब पुराने बस स्टैंड में सुबह से ही रौनक देखने को मिल रही वाली अगर पूर्व की बात की जाए तो आए दिन बस हैकरों के द्वारा कार पार्किंग को लेकर गालीगलौज किया जाता था ।
आप को बतादे की नक्सलवाद खात्मे के बाद लोग बस्तर की संस्कृति व मन मोहन दृश्य से रूबरू होना चाहते है और कोंडागांव ही सबसे पहले का दरवाजा माना गया है ।
*क्या क्या है बस्तर में देखने के लिए*
केशकाल, छत्तीसगढ़ (कोंडागांव जिला) अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक घाटियों और जलप्रपातों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के मुख्य आकर्षण टाटामारी इको पर्यटन केंद्र (बादलों का नज़ारा), प्रसिद्ध केशकाल घाटी (12 सर्पाकार मोड़), लिमदरहा जलप्रपात, और तेलीन सती माता मंदिर हैं। यह स्थान मानसून में और भी सुंदर हो जाता है।
जिसके बाद यहाँ से चित्रकूट जलप्रपात जो कोंडागांव से बहुत ही कम किलोमीटर में पहुँचा जा सकता है और वही से दंतेवाड़ा मंदिर माता दन्तेश्वरी के दर्शन के लिए पहुँचा जा सकता है औऱ इसलिए कोंडागांव को बस्तर के दरवाजा कहा जा सकता है ।