नई दिल्ली /शौर्यपथ /
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को प्रौद्योगिकी-सक्षम विकास पर बजट-पश्चात एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार के आम बजट में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए जो प्रावधान किए गए हैं वो बहुत महत्वपूर्ण हैं इनका तेजी से क्रियान्वयन बहुत जरूरी है. प्रधानमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिये कहा 'भारत को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मजबूत आधार तैयार करने और आम आदमी को सशक्त बनाने के लिये प्रौद्योगिकी मजबूत माध्यम है.' उन्होंने कहा कि देश में मजबूत डेटा सुरक्षा ढांचा बहुत जरूरी है. प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी-सक्षम विकास पर वेबिनार में अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन के भाषण का जिक्र करते हुए कहा 'अमेरिका के राष्ट्रपति ने आज अपने भाषण में ‘मेक इन अमेरिका' पर जोर दिया. इसके बाद PM मोदी ने कहा है कि नए युग में भारत को भी आत्मनिर्भर बनना जरूरी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा "इस बार हमारे बजट में पर खास जोर दिया गया है. आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, जियो स्पेशल सिस्टम, ड्रोन से लेकर सेमी कंडक्टर, और स्पेस तकनीक तक, और क्लीन टेक्नोलॉजी से लेकर 5जी तक, ये सभी सेक्टर्स आज देश की प्राथमिकता हैं. उन्होंने कहा हमारी सरकार के साइंस एंड टेक्नॉलोजी सिर्फ आइसोलेटेड सेक्टर नहीं है. आज इकोनॉमी के क्षेत्र में हमारा विजन डिजिटल इकोनॉमी और फिनटेक जैसे आधार से जुड़ा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हमारे लिए तकनीक देश के सामान्य से सामान्य नागरिक को सशक्त करने का माध्यम है. हमारे लिए तकनीक देश को आत्मनिर्भर बनाने का प्रमुख आधार है. इंफ्रास्ट्रक्चर के फील्ड में हमारा डेवलपमेंट विजन एडवांस टेक्नॉलोजी पर बेस्ड है. PM ने कहा भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा और तेजी से आगे बढ़ता स्टार्टअप ईको-सिस्टम है. मैं हमारे स्टार्टअप्स को भरोसा देता हूं कि सरकार उनके साथ पूरी शक्ति के साथ खड़ी है.
बजट में युवाओं की स्किलिंग, रि-स्किलिंग और अप-स्किलिंग के लिए पोर्टल का प्रावधान भी रखा गया है. गौरतलब है, भारत सरकार केंद्रीय बजट 2022 के तहत वित्त मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को कुशलपूर्वक लागू करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में वेबिनार की एक श्रृंखला का आयोजन कर रही है. ये वेबिनार श्रृंखला सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों, शिक्षाविदों और उद्योग के विशेषज्ञों को एक मंच पर ला रही है, ताकि सभी क्षेत्रों में कार्यान्वयन रणनीतियों पर विचार किया जा सके.