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खाना हुआ खत्‍म, तिरंगा लेकर यूक्रेन के रेलवे स्‍टेशन की ओर बढ़ रहे भारतीय स्‍टूडेंट परिवार

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हावेरी /शौर्यपथ /

भारत के स्‍टूडेंट्स और वर्कर, बड़ी संख्‍या में अन्‍य देशों के लोगों के साथ बुधवार को युद्ध प्रभावित यूक्रेन के खारकीव से नजदीकी रेलवे स्‍टेशन की ओर बढ़ रहे हैं. अपनी जान को जोखिम में डाल रहे इन लोगों ने तिरंगा थाम रखा है. एक स्‍टूडेंट के पिता ने बुधवार को यह बात कही. वेंकटेश वैश्‍यार ने न्‍यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, '700 भारतीयों सहित 1000 लोग भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज को लेकर रेलवे स्‍टेशन की ओर पैदल बढ़ रहे हैं. यह रेलवे स्‍टेशन उनके बंकर से करीब सात किलोमीटर दूर है. चूंकि कोई वाहन उपलब्‍ध नहीं है, इसलिए वे पैदल ही यात्रा कर रहे. '

वेंकटेश का बेटा, 23 साल का अमित, खारकीव मेडिकल कॉलेज में पांचवें साल का स्‍टूडेंट है. वह खारकीव के मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने वाले कर्नाटक के हावेरी जिले के रानेबेन्‍नुर ताल्‍लक के तीन छात्रों में से एक है. अमित का कजिन 24 साल का सुमन भी यहां पढ़ता है. श्रीधर मूर्ति वैश्‍यार का बेटा सुमन और अमित, युद्ध प्रभावित यू्क्रेन से वापस लौटने का प्रयास कर रहे हैं. मंगलवार को इनके जूनियर 22 वर्षीय नवीन शेखरप्‍पा की उस समय गोलाबारी में मौत हो गई जब वे अपने बंकर से बाहर निकलकर खाना, पानी और मनी एक्‍सचेंज करने के लिए निकला था. वेंकटेश कहते हैं, 'छात्रों के पास जोखिम मोल लेने के अलावा कोई विकल्‍प नहीं है क्‍योंकि उनके पास खाना और पानी नहीं है. वे अब भगवान के ही भरोसे हैं और रेलवे स्‍टेशन की ओर बढ़ रहे हैं.' वेंककेश ने बताया कि अमित उनका इकलौता बेटा है और यदि उसे कुछ हो गया तो वे जी नहीं पाएंगे.

यूक्रेन के खारकीव में गोलाबारी में कर्नाटक का एक छात्र घायल भी हुआ है. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को यह जानकारी दी. घायल छात्र नवीन शेखरप्पा के साथ था जो गोलाबारी में मारा गया. बोम्मई ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हावेरी जिले में रनेबेन्नूर तालुक के चलगेरी गांव के दो और छात्र वहां थे. एक घायल हुआ है जबकि दूसरा सुरक्षित है.''मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने नवीन के पिता शेखरप्पा ज्ञानगौदर से बात की और घटना पर दुख जताया. बोम्मई ने कहा कि उनकी ध्यान नवीन का शव भारत लाने पर है.उन्होंने कहा, ‘‘हमें अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है कि शव की हालत क्या है...मैंने पीएमओ से बात की है और उनसे अनुरोध किया है. मैंने प्रधानमंत्री को यूक्रेन से शव लाने के लिए संदेश भी भेजा है. हमारे अधिकारी यूक्रेन में दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में हैं.'

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PANKAJ CHANDRAKAR

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