नई दिल्ली /शौर्यपथ/
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रही है. उन्होंने कहा है कि यह भारत का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि स्थायी विकास केवल सतत ऊर्जा स्रोतों से ही संभव है. इथेनॉल मिलाने के काम को ‘मिशन मोड' पर रखा गया, हमें अपनी चीनी मिल और भट्ठियों को और आधुनिक बनाने की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा है कि घरेलू उपकरणों सहित अधिक ऊर्जा कुशल उपकरण बनाने की दिशा में काफी कुछ करने की जरूरत है. अक्षय ऊर्जा शक्ति की पर्याप्त उपलब्धता से भारत को फायदा मिलता है, यह हरित हाइड्रोजन का वैश्विक केन्द्र बन सकता है. घरेलू उपकरणों सहित अधिक ऊर्जा कुशल उपकरण बनाने की दिशा में काफी कुछ करने की जरूरत है.
बता दें कि इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है. इसे पेट्रोल में मिलाकर वाहनों में इंधन की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. इथेनॉल का उत्पादन यूं तो मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होती है. लेकिन इसे अन्य फसलों की मदद से भी बनाया जा सकता है. केंद्र सरकार इथेनॉल उत्पादन पर लगातार फोकस कर रही है.