कंदाड़ी शाला के संचालन में सीएसी, शाला समिति, सरपंच और पालकों का मिल रहा सहयोग
राजनांदगांव। शौर्य पथ । जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र मोहला से 15 किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक शाला कंदाड़ी में शिक्षकों एवं बच्चों ने शाला को मॉडल शाला बनाने का निश्चय किया है। शाला प्रबंधन एवं पालकों का इस कार्य एवं लक्ष्य को भरपूर समर्थन मिल रहा है। प्राथमिक शाला कंदाड़ी के प्रभारी शिक्षक राकेश रावटे नवाचार करते हुए शाला में शिक्षक एवं बच्चों की मदद से शाला को सजाने एवं आकर्षक बनाने का कार्य कर रहे हैं। इनके द्वारा शाला में किचन गार्डन का निर्माण एवं शाला को आकर्षक बनाने रंगरोगन का कार्य किया जा रहा है। इस प्रकार शिक्षक द्वारा शाला गार्डन को शिक्षा उपयोगी एवं कक्षा को प्रिंटरिच वातावरण बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा शाला के प्रत्येक कक्ष को प्रिंटरिच बनाने के लिए दीवार पर विषयवार अधिगम सामग्री का निर्माण कर सजाया गया है। शिक्षक एवं सरपंच के सहयोग से शाला का मरम्मत कार्य भी किया गया है। यूथ एवं इको क्लब में प्राप्त राशि का उपयोग करते हुए किचन गार्डन का निर्माण किया गया, जो आकर्षक एवं उपयोगी है। इस शाला में बच्चों का गणवेश भी अलग पहचान रखता है। शिक्षक राकेश रावटे की पहल से शाला के शत प्रतिशत बच्चे शासकीय गणवेश के अतिरिक्त सप्ताह में 2 दिन सफेद गणवेश में आते हैं। जिसके लिए पलकों ने अपने बच्चे को स्वयं के खर्च से सफेद गणवेश उपलब्ध कराया है। प्राथमिक शाला कंदाड़ी के शिक्षक, विद्यार्थी, स्वीपर और रसोईया भी शाला के कार्य के प्रति समर्पित है। शाला में शिक्षकों द्वारा स्मार्ट टीव्ही के माध्यम से अध्यापन कराया जा रहा है। शाला में पढ़े हुए पूर्व विद्यार्थी रामेश्वर घोरारे अतिथि शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे है। इस कार्य के साथ-साथ शासन की योजनाओं की जानकारी और क्रियान्वयन के लिए संकुल शैक्षिक समन्वयक केवल साहू का टीएलएम निर्माण, स्मार्ट क्लास संचालन और तकनीकी सहायता में भरपूर योगदान मिल रहा है। साथ ही केवल साहू समन्वयक कंदाड़ी इस कार्य की सतत मॉनिटरिंग करते हुए बेहतर मार्गदर्शन भी प्रदान कर रहे है। एपीसी सतीश ब्यौहरे, विकास खंड शिक्षा अधिकारी मोहला राजेंद्र कुमार देवांगन, बीआरसीसी मोहला खोमलाल वर्मा, संकुल प्राचार्य कंदाड़ी रोहित कुमार अंबादे, संकुल समन्वयक कंदाड़ी केवल साहू, सरपंच झम्मनलाल एवं एसएमसी कंदाड़ी ने इस कार्य की प्रशंसा करते हुए शाला परिवार को बधाई दी।