लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / हर साल 1 जुलाई को देशभर में डॉक्टर्स डे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह खास दिन डॉक्टर्स के योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। बता दें, 1 जुलाई को देश के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉक्टर बिधानचंद्र रॉय का जन्मदिन और पुण्यतिथि होती है। डॉक्टर बिधानचंद्र रॉय के साथ देश की सेवा में लगे समस्त चिकित्सकों को सम्मान देने के लिए हर साल 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे (राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस) मनाया जाता है। आज पूरा विश्व कोरोना महामारी की चपेट में है। ऐसे में जीवन रक्षा करने वाले डॉक्टरों ने लोगों को 'कोविड-19' नाम के इस दानव से बचे रहने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी हैं। आइए जानते हैं आखिर क्या हैं ये जरूरी सलाह।
राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (आरजीसीआईआरसी) के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुधीर रावल की मानें तो पहले से किसी रोग से ग्रस्त व्यक्ति में कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा काफी अधिक होता है। ऐसे में रोगी को इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए कि किस परिस्थिति में उसे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
डॉक्टर की सलाह-
डॉ. सुधीर रावल का कहना है कि कोरोना काल एक ऐसा समय है, जिसके बारे में किसी को भी पहले से कोई अनुमान नहीं था। ऐसे में सतर्कता ही लोगों के लिए कोरोना से बचने के लिए सबसे बड़ा कवच है। मौजूदा हालात में कैंसर मरीजों का उदाहरण देते हुए डॉ. सुधीर कहते हैं कि कैंसर मरीजों का इम्यून कमजोर होता है। इसकी वजह से ऐसे लोगों का कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आने का खतरा ज्यादा बना रहता है।
ऐसे में कोविड-19 से बचने के लिए न सिर्फ कैंसर रोगियों को बल्कि उन सभी लोगों को जो पहले से ही किसी न किसी रोग से पीड़ित हैं सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
- जहां तक संभव हो बाहर नहीं निकलना चाहिए।
-संतुलित आहार लेना चाहिए और सकारात्मक विचार रखना चाहिए।
-इलाज करा रहे मरीजों को लगातार अपने डॉक्टर्स के संपर्क में रहना चाहिए।
इम्यून कंप्रोमाइज्ड लोग रहें बेहद सतर्क-
डॉ. रावल ने कहा कि इस समय इम्यून कंप्रोमाइज लोगों को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। इम्यून सिस्टम का प्राथमिक काम संक्रमण से लड़ना होता है। ’इम्यून कंप्रोमाइज’ का अर्थ है ऐसा व्यक्ति जिसका इम्यून सिस्टम सामान्य स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में कमजोर हो। ऐसे लोगों में कोविड-19 जैसे संक्रमणों की चपेट में आने की आशंका ज्यादा रहती है।
कैसे होता है इम्यून सिस्टम कमजोर-
कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियां व्यक्ति के इम्यून को कमजोर करती हैं। इसी तरह बड़ी उम्र और धूम्रपान, ज्यादा शराब पीने, आलसी जीवन जीने और जंक फूड खाने वाली लाइफस्टाइल से भी इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। कैंसर के मरीजों में कीमोथेरेपी जैसे इलाज के दौरान इम्यून ज्यादा कमजोर होने का खतरा रहता है। डॉ. रावल ने कहा कि हर डॉक्टर लोगों को ऐसी आदतों से बचने की सलाह देता है, जो सेहत पर भारी पड़ सकती है। इस डॉक्टर दिवस के मौके पर अगर हर व्यक्ति डॉक्टर की सलाह मानने का निश्चय कर ले तो कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो सकता है।