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घर बैठे करें माइग्रेन दूर:मेडिटेशन-योगा से हो सकता है माइग्रेन का इलाज

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हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ/ 

माइग्रेन विश्व की सबसे सामान्य बीमारियों में से एक है। साथ ही, यह दुनिया में सबसे ज्यादा होने वाला न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर भी है। इससे पीड़ित लोगों को लगातार सिर दर्द की परेशानी होती है। आंकड़ों के मुताबिक, इससे जूझने वाले 20% लोग सिर दर्द रोकने के लिए ओपिओइड नामक ड्रग का इस्तेमाल करते हैं। वैज्ञानिकों की मानें, तो दवाइयों के बिना भी माइग्रेन का इलाज संभव है। जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन  में प्रकाशित हुई एक हालिया रिसर्च में कहा गया है कि माइंडफुल मेडिटेशन और योगा करने से माइग्रेन कम हो सकता है।

माइग्रेन से जुड़े कुछ तथ्य:

माइग्रेन रिसर्च फाउंडेशन के अनुसार दुनिया में 100 करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।

माइग्रेन सबसे ज्यादा दर्दनाक 18 से 44 की उम्र के बीच होता है।

90% मरीजों में यह बीमारी आनुवंशिक होती है।

तकरीबन 40 लाख लोगों को रोज माइग्रेन की शिकायत होती है।

माइग्रेन की 85% मरीज महिलाएं होती हैं।

आधे से ज्यादा मरीजों को पहला माइग्रेन अटैक 12 साल की उम्र के पहले आता है


क्या कहती है रिसर्च

रिसर्च में माइग्रेन के मरीजों को दो ग्रुप्स में बांटा गया। पहले ग्रुप को इलाज के तौर पर माइंडफुलनेस (सचेतना) प्रैक्टिस करने को कहा गया। इसमें मेडिटेशन, हठ योग और सांस लेने के पैटर्न पर ध्यान दिया गया। इसके अलावा, उन्हें घर में भी ये प्रैक्टिस करने का सुझाव दिया गया। दूसरे ग्रुप को केवल सिर दर्द के बारे में शिक्षा दी गई। माइग्रेन के हर पहलू के बारे में बताया गया। क्लास के दौरान उनसे सवाल-जवाब और डिस्कशन करवाए गए।

8 हफ्तों के इस ऐक्सपैरिमैंट में ये बात सामने आई कि माइंडफुलनेस-बेस्ड इलाज माइग्रेन अटैक्स को कम करने में कारगर है। लगातार मेडिटेशन और योग करने वाले लोगों में ना केवल माइग्रेन, बल्कि डिप्रेशन और चिंता भी कम हुई। वहीं दूसरी ओर, शिक्षा पाने वाले लोगों की स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ।


कैसे करें माइंडफुल मेडिटेशन

आज के दौर में मरीजों को दवाइयों के साथ-साथ लाइफस्टाइल में परिवर्तन करने की भी सलाह दी जाती है। अपने रोजमर्रा के जीवन में ये टिप्स फॉलो कर आप घर बैठे माइग्रेन को कम कर सकते हैं:

सबसे पहले अपनी शारीरिक और मानसिक स्थिति को स्वीकारें।

बिना किसी डिस्ट्रैक्शन के अपनी पीठ के बल लेट जाएं। आंखें बंद कर, अपनी सांस की गति की ओर ध्यान लगाएं। सिर से लेकर पैर तक, पूरे शरीर को स्कैन करें।

आरामदायक पोजिशन में बैठकर आंखें बंद करें और गहरी सांस लें, फिर छोड़ें। यह ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से मन शांत होता है।

रोजाना ताजी हवा और अच्छे वातावरण में 30 मिनट वॉक करें। चलते हुए अपनी सांसों पर ध्यान दें।

हर दिन 20 से 30 मिनट के लिए स्ट्रेचिंग और हठ योग करें।

 

 

 

 

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PANKAJ CHANDRAKAR