नए संकल्प /शौर्यपथ/
नए साल की शुरुआत में नए संकल्प लेने के बारे में विचार कर रहे हैं तो ऐसा क्या करें कि आप अपने रिजॉल्यूशन एक या दो महीने में भूल न जाएं, बल्कि उन पर अमल करते रहें। आपके रिजॉल्यूशन केवल जनवरी तक सीमित न हों बल्कि उसके बाद भी बने रहें।
पहले अपनी इच्छा को ठीक से परख लें
तय करें कि क्या वाकई आप खास क्षेत्र में बदलाव करना चाहते हैं? रिजॉल्यूशन वही चुनें जो आपके लिए मायने रखता है और उसे चुनने की कोई ठोस वजह है। जब कोई खास वजह आपके पास होती है तो अपने संकल्प को पूरा करने की इच्छा भी तीव्र हो जाती है।
केवल एक या दो संकल्प ही चुनें
रिजॉल्यूशन लेना चाहते हैं तो ध्यान रहे कि तुरंत ही फायदा-नुकसान नजर नहीं आएगा। आप इन्हें ‘एक्स्ट्रा' मानते हैं। "एक्स्ट्रा' के लिए हमारे पास ज्यादा समय और ऊर्जा नहीं होती इसलिए एक या दो संकल्प ही चुनें। ज्यादा चुनेंगे तो भी फोकस एक या दो पर ही करेंगे।
संकल्प के साथ पूरा समर्पण भी जरूरी है
अगर आपका संकल्प है कि इस साल परिवार को ज्यादा समय देंगे तो हर महीने दो वीकेंड्स तय करें। तय करें कि साढ़े पांच बजे के बाद आप कंप्यूटर पर नहीं रहेंगे जिससे समय पर परिवार के पास पहुंच सकें। एडवांस में प्लान करने से अपने रिजॉल्यूशन पर फोकस करना आसान हो जाता है।
संकल्प को पूरा करना ऐसे आसान बनाएं
जेम्स क्लियर ने अपनी किताब "एटॉमिक हैबिट्स' में लिखा है कि हमारी आदतें आकर्षक हों, आसान हों और संतुष्ट करने वाली हों। हमारी नई आदतें ऐसी होनी चाहिए कि हम कभी उनसे बचने की कोशिश ना करें बल्कि उनका आनंद लेना शुरू करें।
अपनी प्रोग्रेस को नियमित ट्रैक करें
जीवन की आपाधापी में बहुत संभव है कि आप अपने लक्ष्य से भटक जाएं। इसलिए अपनी प्रोग्रेस लगातार ट्रैक करें। अपने संकल्प से जुड़े जो काम आपने दिनभर में किए हैं उनका रिकॉर्ड रखें। उन्हें अपने पेपर प्लानर में नोट करें, कैलेंडर में रखें। लिखने से आप फोकस्ड रहेंगे।