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गाजर का जूस बनाते वक्त रखें इस बात का ध्यान

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हेल्दी टिप्स /शौर्यपथ/

लाल रसीले गाजर आपकी सेहत और स्किन दोनों के लिए ही बेहद फायदेमंद होते हैं. गाजर में विटामिन के, ए, सी, फाइबर, पौटेशियम, कैल्शियम और आयरन जैसे कई सारे पोषक तत्व होते हैं. गाजर में मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं. इसके साथ ही दिल और कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए भी ये आपको ताकत देता है. लाइफस्टाइल कोच ल्यूक कॉटिन्हो ने इंस्टाग्राम पर गाजर के फायदे बताते हुए इसे खाने का सही तरीका भी बताया है. साथ ही, उन्होंने बताया है कि किस बीमारी में गाजर कैसे खाना चाहिए.

डायबिटीज के मरीज न पिएं अधिक जूस

कॉटिन्हो की राय है कि मधुमेह के रोगियों को गाजर का रस बहुत अधिक नहीं पीना चाहिए. ऐसे मरीजों को एक सीमित मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए. उनके अनुसार ज्यादा से ज्यादा एक मग रस वे पी सकते हैं.

दांतों और लीवर के लिए भी वरदान

ल्यूक कॉटिन्हो का कहना है कि गाजर खाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप इसे चबाकर खाएं. इस तरीके को अपनाकर गाजर खाते हैं तो आपके दांत तो मजबूत होंगे ही आपके लीवर के लिए भी ये फायदेमंद है. वहीं उनका कहना है कि गाजर का जूस बनाते वक्त फाइबर को अलग न करें बल्कि इसके साथ ही जूस तैयार करें. हालांकि, कॉटिन्हो का ये भी कहना है कि भले ही ये सेहत का खजाना हो लेकिन अगर आपको सूट न करें तो आप गाजर का सेवन न करें.

ऐसे बना सकते हैं गाजर का जूस

ल्यूक कॉटिन्हो के मुताबिक, गाजर के जूस में आप कुछ ड्राई पारसले भी ऐड कर सकते हैं. इसके साथ आप एक या दो बूंद जैतून या नारियल का तेल मिला लें. इसमें चुकंदर, खीरा, लहसुन, अदरक और काली मिर्च डाल लें. इस जूस को बिना छाने फाइबर के सहित पिएं.

 

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PANKAJ CHANDRAKAR