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शिक्षा : बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करने की आवश्यकता : कलेक्टर

शिक्षा : बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करने की आवश्यकता : कलेक्टर शिक्षा : बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करने की आवश्यकता : कलेक्टर
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- जिले में नवाचार करते हुए गौठानों में बनेंगे पोषण वाटिका
- स्कूलों की मरम्मत में नहीं होनी चाहिए लापरवाही, आरईएस विभाग को समय पर कार्य करने के दिए निर्देश
- शिक्षकों की समय पर उपस्थिति की जानकारी के लिए बनाएं व्यवस्था
- नि:शुल्क गणवेश वितरण, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण एवं छात्रवृत्ति के संबंध में ली जानकारी
- कलेक्टर ने शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की

      राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर डोमन सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर सिंह ने कहा कि बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिले में नवाचार करते हुए गौठानों में पोषण वाटिका बनाए जाएंगे। इसके लिए उद्यानिकी विभाग से मदद लेते हुए कार्य किया जाएगा। यहां से प्राप्त पौष्टिक सब्जियों का उपयोग मध्यान्ह भोजन में किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजनांतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधिकरियों को समय पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों की मरम्मत के कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मरम्मत कार्य के लिए राशि स्वीकृत होते ही टेंडर जारी करते हुए कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षकों की समय पर उपस्थिति की जानकारी के लिए व्यवस्था बनाएं और नियमित रूप से मानिटरिंग करें। कलेक्टर ने नि:शुल्क गणवेश वितरण, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण एवं छात्रवृत्ति के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि समय पर सभी विद्यार्थियों को गणवेश का वितरण हो जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति रहे। स्मार्ट टीवी का संचालन स्कूलों में सतत होता रहे। वैदिक गणित एवं अन्य महत्वपूर्ण पठन सामग्री रूचिकर तरीके से बच्चों को उपलब्ध कराएं।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि जिले में स्वच्छता महाभियान के अंतर्गत व्यापक पैमाने पर साफ-सफाई की गई है। वहीें शाला प्रवेशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। समाज को स्कूलों के निकट लाकर जोडऩे की एक कोशिश की गई है। ताकि उनमें स्कूल के प्रति लगाव एवं जागरूकता तथा जिम्मेदारी की भावना रहे। कलेक्टर से शिक्षकों ने समर कैम्प के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को जोरातराई एडवेंचर पार्क का भ्रमण कराएं और उन्हें खनिज पाठशाला का अवलोकन कराएं। उन्होंने समग्र शिक्षा अंतर्गत स्कूलों की मरम्मत, शाला परिसर की स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में चर्चा की। जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश सिंह ने बताया कि नि:शुल्क गणवेश योजना के तहत अब तक 1 लाख 177 बच्चों को गणवेश वितरण किया गया है। वहीं अब तक 1 लाख 67 हजार 820 नि:शुल्क पाठ््य पुस्तक वितरण किया गया है।
उन्होंने बताया कि नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत 11 हजार 492 सायकल वितरित किया गया है। अब तक राज्य छात्रवृत्ति के तहत 43 हजार 418 विद्यार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख 94 हजार रूपए की राशि का भुगतान किया गया है। इस अवसर पर परियोजना अधिकारी साक्षरता श्रीमती रश्मि सिंह, जिला मिशन समन्वयक राजीव गांधी शिक्षा मिशन श्री सतीश ब्यौहारे, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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शौर्यपथ