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भूगोल विषय में व्यवहारिक ज्ञान और पर्यावरणीय जागरूकता पर केंद्रित पहल विद्यार्थियों ने सिया देवी व तंदुला बांध का किया अध्ययन

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दुर्ग / शौर्यपथ /
शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (वी. वाय. टी. कॉलेज), दुर्ग के भूगोल विभाग द्वारा बालोद जिले में विस्तार गतिविधि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में एम.ए. (द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर) तथा बी.ए. वर्ग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के निर्देशन में रुसा 2.0 योजना के अंतर्गत संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भूगोल विषय के व्यवहारिक ज्ञान से अवगत कराना, उनके शैक्षणिक अनुभवों को समृद्ध करना और उन्हें पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना था।

संवाद और शैक्षणिक गतिविधियाँ

विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत साइंस कॉलेज, दुर्ग एवं शासकीय महाविद्यालय, बालोद के भूगोल विषय के विद्यार्थियों के बीच संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसमें निम्न विषयों पर चर्चा हुई —

भूगोल विषय का अन्य विषयों से संबंध
ग्लोबल वार्मिंग और उसके प्रभाव
वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग)
सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) के वैज्ञानिक पहलू
भूगोल विषय में करियर के अवसर
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने न केवल विषयवस्तु को व्यवहारिक रूप से समझा, बल्कि एक-दूसरे के अनुभवों से भी सीखा। उनकी संज्ञानात्मक और विश्लेषणात्मक क्षमताओं को विकसित करने के लिए क्विज प्रतियोगिता सहित अन्य ज्ञानवर्धक गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं।

प्राचार्य और प्राध्यापकों के विचार

शासकीय महाविद्यालय, बालोद के प्राचार्य डॉ. जे. के. खलको ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसे संवाद विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। ये न केवल उनकी विषय रुचि बढ़ाते हैं बल्कि उन्हें अपने विचार स्पष्ट रूप से रखने का आत्मविश्वास भी देते हैं।”
वहीं भूगोल विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. गोपचंद खरे ने कहा कि “संवाद से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास आता है और वे अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए प्रेरित होते हैं।” उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।

सिया देवी और तंदुला बांध का अध्ययन
विस्तार गतिविधि के अगले चरण में विद्यार्थियों ने सिया देवी, बालोद का स्थल अध्ययन किया। अध्ययन के दौरान विद्यार्थियों ने —
सिया देवी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व,
उसकी भूगर्भिक संरचना,
चट्टानों की विशेषताओं, तथा
झरने के आसपास के पर्यावरणीय प्रभावों का विश्लेषण किया।

इसके पश्चात तंदुला बांध का भ्रमण किया गया, जहाँ विद्यार्थियों ने जल संसाधन प्रबंधन, स्थानीय व्यवसाय, और कृषि कार्यों पर इसके प्रभाव का अध्ययन किया।

सहभागिता

इस अवसर पर साइंस कॉलेज, दुर्ग के सहायक प्राध्यापक प्रशांत दुबे, डॉ. ओमकुमारी वर्मा, डॉ. डूमन लाल साहू सहित कुल 70 विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। इसने भूगोल विषय की व्यवहारिक समझ को सुदृढ़ किया तथा पर्यावरणीय विषयों और संसाधन प्रबंधन के प्रति छात्रों में जागरूकता बढ़ाई।

रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता / शरद पंसारी
स्थान: दुर्ग–बालोद
स्रोत: वी.वाय.टी. कॉलेज भूगोल विभाग / साइंस कॉलेज दुर्ग एवं शासकीय महाविद्यालय, बालोद
वेबसाइट: www.shouryapathnews.in

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शौर्यपथ