राजनांदगांव / शौर्यपथ / शिक्षा का अधिकार कानून का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की है, लेकिन जिले में पांच सौ बच्चे विगत पांच माह से प्रवेश पाने भटक रहे है। आरटीई कानून के अंतर्गत जुलाई माह में प्रथम लॉटरी निकाला गया था, जिसमें चयनित 500 बच्चे आज भी प्रायवेट स्कूलों में प्रवेश पाने भटक रहे है। पालकों ने अनेकों बार जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित आवेदन दिया, लेकिन उनके बच्चों को आज तक प्रवेश नहीं दिलाया गया, जिसको लेकर अब पालकों ने संभागीय कमिश्नर, जिला दुर्ग से लिखित शिकायत कर डीईओ के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल पॉल ने भी छग राज्य बाल संरक्षण आयोग को लेटर लिखकर डीईओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की मांग की है।