लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /'धरती के सबसे बड़े लिटरेरी शो' और 'साहित्य का कुंभ' कहे जाने वाले जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2०21 के 14वें संस्करण का शुभारम्भ शुक्रवार, को नए वचुर्अल प्लेटफॉर्म पर होगा। फेस्टिवल के शुभारम्भ साइंस म्यूजियम ग्रुप के डायरेक्टर एवं चीफ एग्जीक्यूटिव सर इआन ब्लेचफोर्ड और साइंस म्यूजियम लंदन के हेड ऑफ कलेक्शन एवं प्रिंसिपल क्यूरेटर डॉ. टिली ब्लीथ द्वारा द आर्ट ऑफ इनोवेशन विषय पर उद्घाटन संभाषण से होगा।
फेस्टिवल में इस साल 3०० लेखक एवं कलाकार शिरकत करेंगे। ये लगभग 25 भारतीय और 18 अंतरार्ष्ट्रीय भाषाओँ के साथ 23 से ज्यादा देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे। इनमें नोबेल पुरस्कार, मैन बुकर, पुलित्जर, साहित्य अकादेमी, डीएससी प्राइज और जेसीबी प्राइज विजेता शामिल हैं।
सूत्रों ने बताया कि भारत की संपन्न, वैविध्यपूर्ण और रंगीन साहित्यिक विरासत जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 14वें संस्करण का केंद्र है, इसलिए फेस्टिवल में देश के विविध भाषाओँ के वक्ता शामिल होंगे। इस साल फेस्टिवल में हिंदी, उदूर्, मलयालम, असमी, संस्कृत, ब्रज, बंगाली, तमिल, तेलुगु, ओड़िया, भोजपुरी, खासी, कश्मीरी, राजस्थानी, पंजाबी, संथाली, बोडो, मणिपुरी, सिन्धी, नेपाली, मराठी, कोंकणी, गुजराती, डोगरी और कन्नड़ बोलने वाले वक्ता शामिल होंगे।
फेस्टिवल में बड़ी संख्या में विदेशी भाषाओँ के वक्ता भी अपनी बात रखेंगे जिनमें प्रमुख रूप से अंग्रेजी, इतालवी, आयरिश, नेपाली, डच, एस्तोनियन, भूटानी, सिंहला, अफ्रीकी, पोलिश, रूसी, हीब्रू, फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, स्वीडिश, वेल्श, कुर्दिश इत्यादि शामिल है।