तीन दशकों में कमाल खान ने राजनीति के कई दौर देखे और दर्शकों को अपनी राजनीतिक आंखों से घटनाओं का साक्षी बनाया. उन्हें समाज को अपने अनूठे ढंग से समझने-समझाने वाले और विशिष्ट और विश्वसनीय आवाजों में से एक पत्रकार माना जाता है. उनके निधन पर कई राजनेताओं ने दुख जताया है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
NDTV की पत्रकारिता से पिछले तीन दशकों से जुड़े पत्रकार कमाल खान का शुक्रवार, 14 जनवरी को अचानक निधन हो जाने से पूरा NDTV परिवार और पत्रकारिता जगत इस क्षति से क्षुब्ध है. वो पिछले 30 सालों से NDTV से जुड़े हुए थे और अपनी विशिष्ट पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे. वो चैनल के लखनऊ ब्यूरो के हेड थे. अभी गुरुवार को ही चैनल पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों पर उनकी रिपोर्टिंग देखी गई थी. शुक्रवार की सुबह उनका हार्ट अटैक से निधन हो गया.