Print this page

जब 'ऐ मेरे वतन के लोगो' तो नम हो गई थीं जवाहर लाल नेहरू की आंखें

  • doing of business

Lata Mangeshkar का बेशक आज निधन हो गया है, लेकिन वह अपने सुरों के जरिये अमर हो चुकी हैं. उनकी आवाज में वह जादू था जो चेहरें पर मुस्कान ला सकता था तो आंखों को नम भी कर सकता था.

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

लेकिन वह अपने सुरों के जरिये अमर हो चुकी हैं. उनकी आवाज में वह जादू था जो चेहरें पर मुस्कान ला सकता था तो आंखों को नम भी कर सकता था. कुछ ऐसा ही हुआ था 1963 में. जब लता मंगेशकर ने भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए जवानों की याद में 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाया तो वहां मौजूद जनता ही नहीं बल्कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की आंखें भी नम हो गई थीं.

 लता मंगेशकर और जवाहर लाल नेहरू की इसी मौके की एक आइकॉनिक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस फोटो को देखकर समझा जा सकता है कि वह किस तरह का माहौल रहा होगा और उसमें लता मंगेशकर के सुरों ने किस तरह का जादू बिखेरा होगा. इस तरह लता मंगेशकर के सुरों के जादू ने जवाहर लाल नेहरू को रुला दिया था.

लता मंगेशकर का निधन हो गया है. वह 8 जनवरी से ब्रीच कैंडी अस्तपाल में थीं. लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर, 1929 को एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में हुआ. मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में जन्मीं लता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बड़ी बेटी थीं. उनका पहला नाम 'हेमा' था, मगर जन्म के पांच साल बाद माता-पिता ने इनका नाम 'लता' रख दिया था. लता अपने सभी भाई-बहनों में बड़ी थीं. मीना, आशा, उषा तथा हृदयनाथ उनसे छोटे थे. उनके पिता रंगमंच के कलाकार और गायक थे और वह एक मशहूर नाम थे.

 

 

Rate this item
(0 votes)
PANKAJ CHANDRAKAR

Latest from PANKAJ CHANDRAKAR