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18वीं लोकसभा के पहले सत्र में आक्रामक हुए पीएम मोदी नव निर्वाचित सांसदों को बधाई के साथ-साथ विपक्ष को दे दी नसीहत... Featured

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नई दिल्ली। शौर्यपथ । 18वीं लोकसभा के सत्र की शुरुआत 24 जून को हो गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई संसद भवन के परिसर से नवनिर्वाचित सांसदों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी वहीं अपने व्यक्तव्य में उन्होंने विपक्ष को भी नसीहत दे दी। 

पीएम नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों से चुनकर आए सांसदों ने निर्वाचित सांसदों एवं प्रथम बार निर्वाचित हुए सांसदों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी वहीं उन्होंने मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल की उपलब्धि को भी अपरोक्ष रूप से गिनाते हुए यह कहा कि आजाद भारत में यह पहला अवसर है जब हम अपने स्वयं के बने हुए संसद भवन में 28 लोकसभा के सत्र की शुरुआत कर रहे हैं वहीं उन्होंने विपक्ष का नाम लिए बगैर 50 साल पहले 25 जून को हुए आपातकाल की घटना का जिक्र करते हुए विपक्ष पर भी तंज कर दिया एवं विपक्ष से यह उम्मीद जताई कि वह संसद सत्र की कार्यवाही में सार्थक समर्थन करें ।

  पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने वक्तव्य में इस बार एक बार भी पिछले दो कार्यकाल को मोदी सरकार के रूप में चिन्हांकित नहीं किया और ना ही लगातार तीसरी भर के कार्यकाल को एनडीए सरकार के रूप में चिन्हांकित किया अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि एक ही सरकार को लगातार तीसरी बार मौका देकर 60 साल के बाद देश की जनता ने किसकी सरकार के कार्यकाल और नीयत पर मोहर लगाई यहां बताना यह लाजमी होगा कि 2014 एवं 2019 का कार्यकाल एनडीए का कार्यकाल जरूर रहा परंतु कहीं पर भी एनडीए की छाप नजर नहीं आई यहां तक की पीएम नरेंद्र मोदी के किसी भी भाषण में एनडीए सरकार की बात सुनने को मिली हो ऐसा कहीं नजर नहीं आया हर बार मोदी सरकार और मोदी की गारंटी या इसका दूसरा रूप कहे तो मोदी है तो मुमकिन है जैसी बातें ही होती रही परंतु आज के वक्तव्य में पीएम मोदी ने एक बार भी मोदी की गारंटी मोदी की सरकार मोदी है तो मुमकिन है जैसी बात ना कह कर यह भी जाहिर कर दिया कि इस बार मोदी सरकार नहीं एनडीए की सरकार है ।

  18 लोकसभा के प्रथम सत्र में विपक्ष भी अपनी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रही है मिली जानकारी के अनुसार विपक्ष संविधान की पुस्तिका को लेकर मार्च करने वाली है विपक्ष भी सत्ता पक्ष को इस बार परेशान कर सकती है अब देखना है यह है कि सत्र के प्रथम दिवस ही सत्ता पक्ष और विपक्ष है एक दूसरे के आमने-सामने आ चुके हैं ऐसे में 10 दिन तक चलने वाले प्रथम सत्र कितना हंगामेदार होगा या आने वाले 10 दिनों तक देश की जनता देखेगी।

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शौर्यपथ

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