"पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी ने पूछा—क्या आयोग ऐसे घर में ले जाएगा जिसका पता '00000' है?
पटना। शौर्यपथ।
बिहार चुनाव के बाद मतदाता सूची में मकान नंबर '00000' या '0' दर्ज होने की समस्या ने आयोग की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे पर पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस. वाई. कुरैशी ने तीखे शब्दों में चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “क्या चुनाव आयोग हमें या आपको उस घर में ले चलेगा जिसका पता 00000 लिखा है? मजाक बना रखा है क्या!”
कुरैशी का कहना है कि आयोग को ऐसे वोटर डेटा की जिम्मेदारी संभालते समय पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए, नहीं तो शून्य मकान नंबर वाले ‘काल्पनिक पते’ पर पहुंचना सिर्फ लोकतंत्र का मजाक बन सकता है। उनका यह तंज सोशल मीडिया पर छाया हुआ है; बहुतों ने इसे चुनावी सिस्टम के प्रति जागरूकता और जवाबदेही बढ़ाने वाला बयान बताया।
हालांकि आयोग ने सफाई दी है कि कई बार स्थानीय प्रशासन द्वारा घर का नंबर नहीं दिया जाता, ऐसे में '00000' जैसे नंबर दर्ज करना केवल एक अनौपचारिक विकल्प या सिस्टम की मजबूरी है। लेकिन सवाल वही है—क्या लोकतंत्र में मतदाता का आसरा केवल शून्य में ही रहेगा?