शौर्यपथ विशेष
वर्ष 2025 में भारतीय राजनीति में उस वक्त एक बड़ा संवैधानिक शून्य और आश्चर्य पैदा हुआ, जब 21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफे का कारण: उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपे अपने पत्र में "स्वास्थ्य संबंधी कारणों" और "चिकित्सीय सलाह का पालन करने" को मुख्य वजह बताया। हालांकि, उनके इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं और अटकलों को भी जन्म दिया।
अपूर्ण कार्यकाल: अगस्त 2022 में निर्वाचित हुए श्री धनखड़ का कार्यकाल 2027 तक था, लेकिन उनके इस निर्णय के कारण कार्यकाल के बीच में ही मध्यावधि चुनाव की स्थिति बनी।
नए उपराष्ट्रपति का चुनाव (सितंबर 2025)
उपराष्ट्रपति पद के खाली होने के बाद निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा की, जो 9 सितंबर 2025 को संपन्न हुए।
सी.पी. राधाकृष्णन की जीत: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (हृष्ठ्र) के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को भारत का नया (15वां) उपराष्ट्रपति चुना गया।
चुनावी परिणाम: उन्होंने विपक्षी 'इंडियाÓ (ढ्ढहृष्ठढ्ढ्र) गठबंधन के उम्मीदवार और पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया। राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार को 300 वोट प्राप्त हुए।
शपथ ग्रहण: सी.पी. राधाकृष्णन ने 12 सितंबर 2025 को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में शपथ ली।