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लोकसभा में तीखा टकराव: इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड संशोधन पारित, राहुल गांधी पर ‘सब्सटैंटिव मोशन’ का नोटिस

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नई दिल्ली / 
बजट सत्र के 12वें दिन 12 फरवरी 2026 को लोकसभा में विधायी कार्यवाही और राजनीतिक टकराव का तीखा संगम देखने को मिला। एक ओर सदन ने इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड (संशोधन) विधेयक, 2026 को ध्वनि मत से पारित किया, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा लाए गए ‘सब्सटैंटिव मोशन’ के नोटिस ने सियासी तापमान बढ़ा दिया।

? इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड (संशोधन) विधेयक पारित

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने सदन में स्पष्ट किया कि यह संशोधन पुराने श्रम कानूनों—जैसे ट्रेड यूनियन एक्ट, 1926—के निरसन से उत्पन्न संभावित कानूनी अस्पष्टताओं को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है।

विधेयक का एक प्रमुख प्रावधान ‘फ्लोर वेज’ (न्यूनतम वेतन की आधार सीमा) को वैधानिक समर्थन देना है। इसके तहत कोई भी राज्य केंद्र द्वारा निर्धारित आधार सीमा से कम न्यूनतम वेतन तय नहीं कर सकेगा। सरकार ने इसे श्रमिकों के हित में एक संरचनात्मक सुधार बताया, जबकि विपक्ष ने कुछ प्रावधानों पर और व्यापक चर्चा की आवश्यकता जताई।

? राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटैंटिव मोशन’

दिन का सबसे चर्चित घटनाक्रम भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त करने और उन पर चुनाव लड़ने का आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए ‘सब्सटैंटिव मोशन’ का नोटिस देना रहा।

दुबे ने स्पष्ट किया कि यह विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र प्रस्ताव (Substantive Motion) है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी संस्थाओं के साथ मिलकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। विवाद की पृष्ठभूमि राहुल गांधी के उस भाषण से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और केंद्रीय बजट को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे।

सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि फिलहाल विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की कोई योजना नहीं है। अब यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर निर्भर करेगा कि वे इस नोटिस को स्वीकार करते हैं या नहीं। स्वीकार होने की स्थिति में सदन में इस पर बहस और मतदान संभव है।

राहुल गांधी ने इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे किसानों और देश के हितों के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे, चाहे उनके खिलाफ कोई भी प्रस्ताव लाया जाए।

? नागरिक उड्डयन क्षेत्र में ₹3,500 करोड़ का निवेश

सदन में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने जानकारी दी कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने वर्ष 2026-2028 के दौरान हवाई नेविगेशन बुनियादी ढांचे और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट (ATM) प्रणालियों के आधुनिकीकरण के लिए लगभग ₹3,500 करोड़ का पूंजीगत परिव्यय निर्धारित किया है। सरकार ने इसे विमानन क्षेत्र की क्षमता और सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।

? विपक्ष का प्रदर्शन और अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस

विपक्षी सांसदों ने कथित “जनविरोधी” व्यापार समझौतों और किसानों के मुद्दों को लेकर सदन के भीतर और मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन किया। इसी बीच लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने से कार्यवाही का माहौल और अधिक तनावपूर्ण रहा।

? अब 9 मार्च को फिर गूंजेगा सदन

सदन की कार्यवाही 13 फरवरी 2026 से अवकाश (recess) पर स्थगित कर दी गई है। लोकसभा की बैठक अब 9 मार्च 2026 को पुनः प्रारंभ होगी, जहां इन राजनीतिक और विधायी मुद्दों की गूंज दोबारा सुनाई देने की संभावना है।

बजट सत्र के इस दिन ने स्पष्ट कर दिया कि जहां एक ओर सरकार श्रम सुधार और अवसंरचना निवेश जैसे विधायी एजेंडे को आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तीखा हो सकता है। आगामी सत्र में यह टकराव किस दिशा में जाता है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी रहेंगी।

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