चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रमुक (DMK) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें अपनी सीमाओं का ज्ञान है और उनका पूरा ध्यान तमिलनाडु पर ही केंद्रित है।
समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में स्टालिन ने अपने पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के रुख को याद करते हुए कहा कि द्रमुक की प्राथमिकता हमेशा राज्य के हितों पर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल वे राष्ट्रीय राजनीति में किसी बड़ी भूमिका की ओर अग्रसर नहीं हैं।
विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच स्टालिन ने दावा किया कि द्रमुक के नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) राज्य की सभी 234 सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ रहा है और गठबंधन को 200 से अधिक सीटों पर जीत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों के शासन में जनता का ‘असीम प्यार और भरोसा’ मिला है, जो इस बार भी जनादेश में तब्दील होगा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य में “द्रविड़ मॉडल 2.0” की सरकार पुनः स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीतियां जनकल्याण और समावेशी विकास पर आधारित रही हैं, जिसे जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, स्टालिन का यह बयान स्पष्ट करता है कि वे फिलहाल राष्ट्रीय राजनीति में अग्रणी भूमिका निभाने के बजाय तमिलनाडु में अपनी स्थिति को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की राजनीति में उनकी भूमिका अहम बनी रह सकती है।