नई दिल्ली / नोएडा में 13 अप्रैल को मजदूरों के वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर हुए उग्र विरोध-प्रदर्शन के बाद अब प्रशासन एक्शन मोड में नजर आ रहा है। हिंसा के कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल नोएडा जोन की डीसीपी शैव्या गोयल और एसीपी उमेश कुमार को उनके पदों से हटा दिया है। इसके अलावा अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शैलेंद्र सिंह को सौंपी गई अतिरिक्त जिम्मेदारी
नए आदेश के तहत डीसीपी ट्रैफिक शैलेंद्र कुमार सिंह को सेंट्रल नोएडा जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे अब ट्रैफिक प्रबंधन के साथ-साथ क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी शैव्या गोयल को महज 1 अप्रैल 2026 को ही सेंट्रल नोएडा और साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन सिर्फ 19 दिनों के भीतर ही उनका तबादला कर दिया गया। इससे पहले वे साइबर और नारकोटिक्स जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कार्य कर चुकी हैं।
प्रशासनिक जरूरत या जवाबदेही का संदेश?
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह फेरबदल प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, लेकिन घटनाक्रम के समय और तेजी को देखते हुए इसे जवाबदेही तय करने की कार्रवाई के रूप में भी देखा जा रहा है।
दोनों अधिकारियों ने अपनी नई जिम्मेदारियों का कार्यभार संभाल लिया है, वहीं प्रशासन अब पूरे मामले में आगे की जांच और शांति व्यवस्था बनाए रखने पर फोकस कर रहा है।