शिवराज सिंह चौहान का ऐलान — लाइसेंस, उर्वरक पंजीकरण और आयात प्रक्रियाएं होंगी आसान, किसानों को मिलेगा तकनीक का बड़ा सहारा
नई दिल्ली, 18 मई 2026।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में चल रही “रिफॉर्म एक्सप्रेस” को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और कृषि कारोबार से जुड़े लोगों के लिए कई बड़े सुधारों का ऐलान किया है। नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कृषि मंत्रालय ने लाइसेंसिंग, उर्वरक पंजीकरण, आयात-निर्यात प्रक्रिया और AI आधारित कृषि सेवाओं को सरल एवं डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसलों की समीक्षा की।
बैठक में मंत्रालय के सचिव श्री अतीश चंद्रा ने बताया कि घरेलू उपयोग के कीटनाशकों की बिक्री एवं भंडारण हेतु लाइसेंस प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया गया है। अब आवेदन पत्र को तीन पन्नों से घटाकर केवल एक पृष्ठ का कर दिया गया है। साथ ही पारंपरिक फिजिकल लीफलेट की जगह अब उत्पादों पर सीधे QR Code उपलब्ध कराया जाएगा। इस फैसले से देशभर के 40 लाख से अधिक खुदरा विक्रेताओं और किराना दुकानदारों को सीधा लाभ मिलेगा।
नए उर्वरकों की मंजूरी प्रक्रिया होगी तेज
सरकार ने उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO), 1985 के तहत नए उर्वरकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया है। पहले जहां दो अलग-अलग समितियों की मंजूरी आवश्यक थी, अब केवल केंद्रीय उर्वरक समिति को अधिकृत किया गया है। इससे नई तकनीक वाले उर्वरकों को बाजार तक पहुंचाने में तेजी आएगी। सरकार भविष्य में गुणवत्ता मानकों को पूरा करने वाले अकार्बनिक उर्वरकों को अनिवार्य फील्ड ट्रायल से छूट देने पर भी विचार कर रही है।
649 कस्टम पोर्ट्स का डिजिटल एकीकरण
कृषि जिंसों के आयात को आसान बनाने के लिए देश के सभी 649 कस्टम पोर्ट्स को डिजिटल रूप से इंटीग्रेट कर दिया गया है। अब PQMS और ICEGATE के बीच एंड-टू-एंड डिजिटल कनेक्टिविटी स्थापित हो चुकी है। इससे आयातकों को केवल एक बार आवेदन करना होगा और Import Release Order सीधे उनके लॉगिन पर उपलब्ध हो जाएगा।
बीज आयात-निर्यात में भी बड़ी राहत
सरकार ने बीज एवं रोपण सामग्री के आयात-निर्यात से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं को खत्म करते हुए EXIM Committee को समाप्त कर दिया है। साथ ही “Prior Recommendation” की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है, जिससे व्यापार प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी होगी।
किसानों के लिए AI आधारित ‘भारत-विस्तार’ प्लेटफॉर्म
बैठक में “भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) – AI in Agriculture” प्लेटफॉर्म की भी समीक्षा की गई। यह AI आधारित डिजिटल मंच किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा रहा है। 17 फरवरी 2026 को लॉन्च हुए इस प्लेटफॉर्म पर अब तक 44 लाख से अधिक प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं।
पहले किसानों को जानकारी के लिए अलग-अलग 15 प्लेटफॉर्म्स पर जाना पड़ता था, लेकिन अब वे एक ही स्थान पर 24x7 सभी जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
बैठक के अंत में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और सुशासन को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों, व्यापारियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल, तेज और प्रभावी बनाना है।