‘विकसित भारत 2047’ से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक पर मंथन, मिडिल ईस्ट तनावों के बीच सरकार अलर्ट मोड में
**नई दिल्ली / शौर्यपथ / **
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पांच देशों के महत्वपूर्ण विदेशी दौरे से स्वदेश लौटते ही केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल और शीर्ष अधिकारियों के साथ लगभग चार घंटे तक चली एक उच्च स्तरीय मैराथन समीक्षा बैठक की, जिसमें ‘विकसित भारत 2047’, ऊर्जा सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार और पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनावों के भारत पर संभावित प्रभावों पर गहन चर्चा हुई।
बैठक को केंद्र सरकार की आने वाली रणनीतिक दिशा तय करने वाला अहम कदम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “विकसित भारत 2047 केवल एक विजन नहीं, बल्कि देश के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता है।”
‘ईज ऑफ लिविंग’ पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं और नीतियों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों, डिजिटल गवर्नेंस और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कार्यप्रणाली में गति और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया।
मिडिल ईस्ट संकट पर सरकार सतर्क
बैठक में पश्चिमी एशिया में जारी तनाव और उसके कारण संभावित वैश्विक ऊर्जा संकट पर भी गंभीर चर्चा हुई। तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करते हुए सरकार ने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश की अर्थव्यवस्था, उद्योगों और आम जनता पर न्यूनतम पड़े।
सूत्रों के अनुसार, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखने और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने को लेकर विभिन्न मंत्रालयों को समन्वित रणनीति पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
नीति आयोग और मंत्रालयों ने दी प्रजेंटेशन
इस उच्च स्तरीय बैठक में नीति आयोग सहित कई मंत्रालयों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट और आगामी योजनाओं का प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया। तेज़ गति से कार्य पूर्ण करने वाले मंत्रालयों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना भी की गई।
विदेश मंत्री जयशंकर ने साझा की दौरे की उपलब्धियां
बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी के हालिया पांच देशों के दौरे की उपलब्धियों और वहां हुए रणनीतिक समझौतों की जानकारी मंत्रिमंडल को दी। इन दौरों को भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करने वाला बताया गया।
सरकार का संदेश स्पष्ट
प्रधानमंत्री की इस मैराथन बैठक को सरकार के “मिशन मोड” में काम करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां देश को विकसित राष्ट्र बनाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भी सरकार पूरी सतर्कता और रणनीतिक तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है।