16 जुलाई को केंद्र सरकार ने ऊर्जा, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम फैसले लिए। ईंधन निर्यात कर में बदलाव, यूरिया उत्पादन बढ़ाने की नई नीति और झारखंड-ओडिशा में रेल नेटवर्क विस्तार को मंजूरी दी गई।
नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने गुरुवार को देश की ऊर्जा सुरक्षा, कृषि आत्मनिर्भरता और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इन फैसलों का उद्देश्य ईंधन निर्यात व्यवस्था को संतुलित करना, उर्वरक उत्पादन बढ़ाना और रेल संपर्क का विस्तार करना है।
सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विंडफॉल टैक्स) में संशोधन किया है। इस कदम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और घरेलू आवश्यकताओं के अनुरूप कर व्यवस्था को संतुलित बनाए रखना है।
कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति’ को मंजूरी दी। इस नीति के माध्यम से देश में घरेलू यूरिया उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इसी क्रम में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देते हुए झारखंड और ओडिशा में लगभग ₹397 करोड़ लागत की दो नई रेल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से दोनों राज्यों में रेल संपर्क बेहतर होगा, माल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।