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क्या पुलिस प्रशासन के संरक्षण में फल फूल रहा अवैध कबाड़ दुकान.....

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रोमेश्वर दास सिन्हा की रिपोर्ट ..

धमतरी । शौर्यपथ । 

एक ओर जिला पुलिस कप्तान अवैध कारोबार को रोकने पहल कर रही है तो वही दूसरी ओर पुलिस प्रशासन के धरातल पर कार्य करने वाले पुलिसकर्मी अवैध वसूली कर अवैध कारोबार में बढ़ोतरी अपनी अहम हिस्सेदारी निभा रहे हैं। जिले में कई जगहों पर कबाडिय़ों का अवैध कारोबार चल रहा है। पुलिस इन कबाडिय़ों के दुकानों की जांच व कार्रवाई करने गंभीरता नहीं दिखा रही है। पुलिस के संरक्षण में चल रहे दुकान से कबाड़ी अवैध कमाई कर मालामाल हो रहे हैं।

शहर सहित जिले के कई स्थानों पर कबाड़ी का दुकान संचालित हो रहा है। इन दुकानों में चोरी के सामान सहित अन्य संदिग्ध सामानों के आसानी से खरीदी बिक्री होने की लगातार जानकारी सामने आती है, लेकिन पुलिस के पास इन दुकानों की जांच करने फुर्सत नहीं है। बताया जा रहा है कि अधिकांश कबाड़ी दुकान पुलिस के संरक्षण में चल रहा है। वहीं विश्वशनीय स्त्रोत से मिली जानकारी मुताबिक निचले तबके के पुलिसकर्मियों द्वारा दुकानों में जाकर वसूली किया जाता है यही नही बल्कि थाना प्रभारी द्वारा बेगारी कार्य भी मुफ्त में इन कबाड़ व्यपारियो से कराया जाता है। 

*चोरी के सामानों की होती है खरीदी बिक्री..*

इस व्यवसाय में पुलिस और प्रशासन का कोई रोकटोक नहीं है। मजेदार बात यह कि जिले में दर्जन से भी अधिक कबाड़ के व्यवसायी हैं। जो बेरोक टोक बेखौफ कारोबार कर रहे हैं। इन पर किसी का नियंत्रण नहीं होने से कबाड़ी बिना सत्यापन के साइकिल, मोटरसाइकिल एवं अन्य चोरियों के सामान को बेधड़क खरीद रहे हैं। दिन-दहाड़े सार्वजनिक स्थानों से साइकिल और बाइक चोरी की घटना होती है। साइकिल चोरी होने पर अमूमन लोग थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराते, क्योंकि पुलिस इसे छोटा मामला बताकर ध्यान नहीं देती। बाइक चोरी की रिपोर्ट तो लिखी जाती है, लेकिन अक्सर ये वापस नहीं मिलते। इसका कारण यह है कि चोरी की साइकिल और बाइक के कलपुर्जे को अलग-अलग कर कबाड़ में बेच दिया जाता है। इसके अलावा इस धंधे में लोहे के सामान घरेलू उपयोग के सामान सहित कई कीमती समान पानी के मोल कबाड़ी अपने दलालों के माध्यम से खरीद कर करोड़ोंं कमाते हैं।

वहीं कुछ बेहद विश्वशनीय स्त्रोतों से की माने तो वसूली करते पुलिसकर्मी का वीडियो फुटेज होंने की बातें भी सामने आई है जिसमें वसूली और थान प्रभारी के द्वारा बेगारी कार्यों को कराए जाने की बातें भी बाते सामने आ रही है। अब देखना यह होगा कि ऐसे पुलिसकर्मी जो अवैध वसूली के धंधो में संलिप्त है जिनके कारण अवैध कबाड़ व्यवसायियों को लाखों का राजस्व पहुचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं उन पर नकेल कसी जाती है या यूं पुलिस प्रशासन के संरक्षण में फूलने फलने देगी ।

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