राजनांदगांव/शौर्यपथ /
माननीय अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट, राजनांदगांव के पीठासीन न्यायाधीश अभिषेक शर्मा के न्यायालय द्वारा बलात्कार के एक मामले में पुरी सुनवाई बाद आज 27 अप्रैल 2022 को फैसला सुनाते हुए आरोपी बिसन लाल सलामें के खिलाफ जुर्म साबित साबित पाये जाने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 450 के अपराध के आरोप में 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5000 के अर्थदंड, अर्थदंड की राशि अदा न किये जाने की स्थिति में छ: माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास एवं भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376-ठ के अपराध के आरोप में आजीवन कारावास (जिसका तात्पर्य उसके शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा) एवं 5000 के अर्थदंड ए अर्थदंड की राशि अदा न किये जाने की स्थिति में छ: माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा से दंडित किये जाने का दंडादेश पारित किया गया।
मामले में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक, फास्ट ट्रेक कोर्ट, आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव ने पैरवी की। मामला यह है कि विगत् ढाई वर्ष पूर्व आरोपी बिसन लाल सलामें पिता स्व. बुल्लू राम सलामें उम्र 56 वर्ष द्वारा थाना मोहला क्षेत्रान्तर्गत एक 25 वर्षीय अपंग युवती, जो शारीरिक रूप से बोलने-सुनने में असमर्थ है, को घर में अकेली पाकर जबरदस्ती घर में घुसकर उसके साथ बलात्कार किया। इसी समय पीडि़ता की माता खेत से काम कर वापस लौटी थी, जिसने घटना देखी घटना के कुछ दिवस बाद पीडि़ता की मृत्यु हो गई। पीडि़ता की माता की रिपोर्ट पर थाना मोहला द्वारा भारतीय दंड विधान की धरा 450, 376 (ठ)भादंवि के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर मामला जांच में लिया गया था। दौरान जांच के आरोपी बिसन लाल सलामें को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था तथा संपूर्ण विवेचना उपरान्त अभियोग पत्र विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था।