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राजनांदगांव। शौर्यपथ / खेती-किसानी में कीटनाशकों का उपयोग फसलों को कीटों से बचाने के लिए किया जाता है, लेकिन इनके छिड़काव के दौरान बरती गई लापरवाही किसान के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रकाश खुटे ने किसानों से कीटनाशकों का उपयोग करते समय सुरक्षा संबंधी सावधानियों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की है।
डॉ. खुटे ने बताया कि कीटनाशक रसायनों के संपर्क में आने से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए किसी भी कीटनाशक का इस्तेमाल करने से पहले उसके लेबल पर दिए गए निर्देशों को अच्छी तरह समझना चाहिए। छिड़काव के समय किसान दस्ताने, मास्क अथवा उपयुक्त रेस्पिरेटर, पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े और जूते जरूर पहनें, ताकि रसायन सीधे शरीर के संपर्क में न आए।
उन्होंने कहा कि कीटनाशक का छिड़काव करते समय हवा की दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। तेज हवा चलने पर स्प्रे करने से बचना चाहिए, क्योंकि रसायन के शरीर और चेहरे तक पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है। कीटनाशकों को हाथ से सीधे छूने के बजाय उचित उपकरणों का इस्तेमाल करें और इन्हें हमेशा भोजन तथा पीने के पानी से अलग सुरक्षित स्थान पर रखें।
डॉ. खुटे ने कहा कि कीटनाशक के खाली डिब्बे या बोतल का घरेलू उपयोग कभी नहीं करना चाहिए। छिड़काव के दौरान खाना-पीना, धूम्रपान या तंबाकू-गुटखा का सेवन भी पूरी तरह से टालना चाहिए। कीटनाशक का इस्तेमाल पूरा होने के बाद हाथ-मुंह को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोने तथा पहने हुए कपड़े बदलने की सलाह भी उन्होंने दी।
उन्होंने किसानों को कीटनाशक विषाक्तता के संभावित लक्षणों के प्रति भी जागरूक रहने को कहा। चक्कर आना, उल्टी, अत्यधिक पसीना आना, सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की जरूरत है।
डॉ. खुटे ने कहा कि कीटनाशकों का सुरक्षित इस्तेमाल केवल फसल की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसान और उसके परिवार के स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। फसल को बचाना जरूरी है, लेकिन खेती करने वाले किसान की सेहत की सुरक्षा उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। थोड़ी सी सावधानी बरतकर कीटनाशकों से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों को काफी हद तक टाला जा सकता है।
युवाओं को नशे से बचाने मीडिया निभाए प्रभावी भूमिका, आपूर्ति पर रोक के साथ मांग घटाने पर जोर
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी बनाने के लिए अवैध तस्करी पर सख्त कार्रवाई के साथ जनजागरूकता और मांग में कमी लाना भी जरूरी है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधीक्षक श्री अनिल कुमार ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने में परिवार, स्कूल-कॉलेज, सामाजिक संगठनों और मीडिया की सामूहिक भूमिका महत्वपूर्ण है।
पत्र सूचना कार्यालय रायपुर के ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत—संकल्प अभियान’ के तहत राजनांदगांव में आयोजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि NCB की रणनीति में आपूर्ति नियंत्रण और मांग में कमी, दोनों पर समान रूप से काम किया जा रहा है।
उन्होंने मीडिया से अपील की कि समाचार पत्र, टीवी, डिजिटल और सोशल मीडिया की व्यापक पहुंच का उपयोग नशे के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को सरल एवं तथ्यपरक तरीके से लोगों तक पहुंचाने में किया जाए।
वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती प्रियंका कौशल ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए पत्रकारिता को सामाजिक सरोकार और जनजागरण से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि केवल ‘नशा छोड़ो’ का संदेश पर्याप्त नहीं, बल्कि नशे के सामाजिक कारणों, प्रभावित परिवारों और इससे बाहर निकलने वालों की वास्तविक कहानियों को सामने लाकर व्यवहार परिवर्तन का माहौल तैयार करना जरूरी है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों एवं शिक्षाविदों ने भी विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ परिवार, मीडिया, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की साझा भागीदारी अनिवार्य है।
चिखली में रात 10 बजे सनसनीखेज वारदात से मचा हड़कंप, दो आरोपी अभिरक्षा में, दो फरार; व्यस्त इलाके में घर के भीतर हत्या से पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव/शौर्यपथ। शहर के चिखली इलाके में रविवार 16 अगस्त की रात एक सनसनीखेज हत्या की वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। देशमुख चौक के पास स्थित अपने घर में सत्यजीत देशमुख की हत्या कर दी गई। मृतक पूर्व महापौर श्रीमती हेमा देशमुख के देवर बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में हत्या के पीछे कुछ दिन पहले हुआ विवाद और पुरानी रंजिश सामने आ रही है। रात करीब 10 से 10.30 बजे के बीच हुई इस वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई और देर रात तक घटनास्थल के आसपास लोगों की भीड़ जुटी रही।
कुछ दिन पहले हुआ विवाद बना हत्या की वजह!
स्थानीय लोगों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले सत्यजीत देशमुख का कुछ युवकों के साथ विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद तनाव बढ़ता गया और रविवार रात आरोपियों ने कथित तौर पर उनके घर पहुंचकर हमला कर दिया। हमले में सत्यजीत देशमुख की मौत हो गई।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, वारदात में करीब चार युवकों के शामिल होने की बात कही जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को अभिरक्षा में लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों के फरार होने की जानकारी सामने आई है।
धारा 103(1), 332(a), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज
पुलिस के अनुसार, 16 अगस्त की रात्रि चिखली चौकी अंतर्गत देशमुख चौक के पास पुराने विवाद को लेकर सत्यजीत देशमुख की उनके घर में हत्या के मामले में धारा 103(1), 332(a), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बबलू साहू उर्फ बल्ला एवं एक विधि संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया है। दोनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
वहीं वारदात में शामिल बताए जा रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश और पतासाजी कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई जारी है।
व्यस्त चौक के पास घर में हत्या, सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस सनसनीखेज वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हत्या ऐसी जगह हुई, जो देशमुख चौक जैसे व्यस्त इलाके के समीप है। घटना का समय भी रात करीब 10 बजे का बताया जा रहा है, जब क्षेत्र में आमतौर पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। खास बात यह है कि इसी क्षेत्र में पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग प्वाइंट भी लगाया जाता है।
इसके बावजूद घर में घुसकर हत्या जैसी गंभीर वारदात का सामने आना पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। आखिर व्यस्त इलाके में संदिग्धों की गतिविधियों की भनक क्यों नहीं लगी और आरोपी किस तरह घर तक पहुंचे—यह भी जांच का महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। देर रात तक घटनास्थल के आसपास लोगों की भीड़ जमा रही। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और अब वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
पुरानी रंजिश, विवाद की वजह और हत्या की पूरी कड़ी खंगाल रही पुलिस
पुलिस हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। प्रारंभिक तौर पर पुराना विवाद और आपसी रंजिश घटना से जुड़ी होने की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृतक और आरोपियों के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ था, विवाद के बाद घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा और हत्या की वारदात को किसने तथा किस भूमिका में अंजाम दिया।
फिलहाल एक आरोपी और एक विधि संघर्षरत बालक पुलिस की अभिरक्षा में हैं, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस जांच के आगे बढ़ने के बाद ही हत्या की असली वजह, वारदात की पूरी कड़ी और सभी आरोपियों की भूमिका पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
0 सेवा के प्रति समर्पण के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया सम्मानित
राजनांदगांव/शौर्यपथ / स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय गरिमामय समारोह में चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं उत्कृष्ट सेवाभाव के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रकाश खूंटे को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सम्मानित किया। चिकित्सा सेवा के प्रति उनके समर्पण, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर सेवा देने के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
डॉ. प्रकाश खूंटे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने मरीजों के उपचार के साथ ही उनके प्रति मानवीय संवेदनाओं को हमेशा प्राथमिकता दी है। मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना, उनके उपचार में पूरी जिम्मेदारी के साथ जुटना और जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए तत्पर रहना उनके सेवाभावी व्यक्तित्व की पहचान है।
कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी डॉ. खूंटे ने उल्लेखनीय सेवाएं दीं। जब संक्रमण के कारण आम लोगों के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों के सामने भी गंभीर चुनौतियां थीं, उस समय उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करते हुए कोरोना मरीजों का उपचार किया। महामारी के दौरान उनकी सेवाभावना और समर्पण ने उन्हें मरीजों और उनके परिजनों के बीच एक भरोसेमंद चिकित्सक के रूप में पहचान दिलाई।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मान प्राप्त होने पर डॉ. प्रकाश खूंटे ने इसे अपने लिए गौरव के साथ-साथ नई जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का माध्यम है। मरीज का स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौटना ही एक चिकित्सक के लिए सबसे बड़ा संतोष और सम्मान है। उन्होंने कहा कि समारोह में मिला यह सम्मान उन्हें भविष्य में भी मरीजों की सेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।डॉ. खूंटे ने सम्मान के लिए जिला प्रशासन एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं जिला प्रशाशन के प्रति आभार व्यक्त किया।
डॉ. प्रकाश खूंटे को स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर चिकित्सा सेवा के लिए सम्मानित किए जाने पर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं उनके शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने की किया शुभारंभ
रायपुर / राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026-27 का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किया। 9 से 13 अगस्त 2026 तक चलने वाली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से अंडर-19 बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
*राजनांदगांव खेल नगरी के रूप में हो रहा विकसित- डॉ. रमन सिंह*
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन होना गर्व का विषय है। यहाँ हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, जूडो, कराटे और कुश्ती जैसे खेलों में अपार प्रतिभाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राजनांदगांव को खेल नगरी के रूप में विकसित करने के लिए खेल अधोसंरचना, कोर्ट, प्रशिक्षण सुविधाओं और आधुनिक संसाधनों के विकास पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
*खेलों को बढ़ावा देने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को 100 करोड़- उपमुख्यमंत्री अरुण साव*
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राजनांदगांव को संस्कारधानी के साथ-साथ खेलों की राजधानी बताया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार खेलों के विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस वर्ष 156 खिलाड़ियों को श्उत्कृष्ट खिलाड़ीश् घोषित किया गया है तथा श्मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशनश् के तहत 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बैडमिंटन एसोसिएशन को अधोसंरचना के प्रस्ताव पर बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
*सांसद संतोष पाण्डेय ने दिया खिलाड़ियों को मार्गदर्शन*
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए दिग्विजय स्टेडियम परिसर के संसाधनों का खिलाड़ियों के हित में बेहतर उपयोग करने और खेल अधोसंरचना को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन छत्तीसगढ़ बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह सिसोदिया ने दिया। इस अवसर पर राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कोच और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सीमा पर देश की रक्षा में तैनात सैनिकों के प्रति सम्मान और भाईचारे की भावना व्यक्त करते हुए राजपूत करणी सेवा के नेतृत्व में राजपूत समाज के लोगों ने सैनिकों के लिए राखियां भेजीं। ऑडिटोरियम में आयोजित सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान कार्यक्रम में समाज की लोगों ने सैनिक भाइयों के लिए राखियां एवं शुभकामना संदेश तैयार कर भेजा है.
कार्यक्रम में राजपूत करणी सेवा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह के नेतृत्व में समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए। इस दौरान सैनिकों के सम्मान और उनके प्रति समाज की जिम्मेदारी को लेकर विचार व्यक्त किए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महेंद्र प्रताप सिंह का राजपूत करणी सेवा एवं समाज की ओर से राखी और शाल भेंटकर सम्मान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश की सीमाओं पर सैनिक विपरीत परिस्थितियों में रहकर राष्ट्र की सुरक्षा करते हैं। उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
इस अवसर पर राजपूत समाज के प्रदेश महासचिव गोल्डी भदोरिया, जिला अध्यक्ष अमन बहादुर सिंह, कपिल सिंह चौहान अजय कुशवाहा, संजय सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, महिलाएं एवं सदस्य मौजूद रहे।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण विवेचना से लंबित मामलों का हुआ निपटारा, पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिले के बागनदी थाना पुलिस ने वर्ष 2025 एवं 2026 के सभी लंबित मर्ग प्रकरणों का निराकरण कर ‘जीरो पेंडेंसी’ का लक्ष्य हासिल किया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए समयबद्ध एवं निष्पक्ष विवेचना पूरी की और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की।
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरीनंदन नायक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पुराने एवं नए सभी मर्ग प्रकरणों की समीक्षा की। इस दौरान प्रत्येक प्रकरण से जुड़े तथ्यों एवं साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया गया।
विवेचना के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट, चिकित्सकीय दस्तावेजों और गवाहों के कथनों सहित अन्य आवश्यक साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना पूरी करते हुए सभी लंबित मर्ग प्रकरणों का नियमानुसार निराकरण किया गया।
त्वरित न्याय प्रक्रिया को मिलेगी गति
पुलिस अधिकारियों के अनुसार लंबित मर्ग प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण से त्वरित न्याय प्रक्रिया को गति मिलेगी। साथ ही प्रकरणों की समयबद्ध विवेचना से पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी तथा आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास और बढ़ेगा।
इस उपलब्धि में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम, उप निरीक्षक देवादास भारती, सहायक उप निरीक्षक भागवत प्रसाद धुर्वे, प्रधान आरक्षक संतोष मिश्रा एवं आरक्षक भूपेन्द्र तुमरेकी का सराहनीय योगदान रहा।
नक्शा बटांकन की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, एक सप्ताह में 75 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के आदेश
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने शुक्रवार को विकासखंड राजनांदगांव के ग्राम सुंदरा स्थित पटवारी कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। नक्शा बटांकन की महज 54 प्रतिशत प्रगति पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर नक्शा बटांकन की प्रगति 75 प्रतिशत तक पहुंचाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
कलेक्टर ने अविवादित नामांतरण, सीमांकन, बटांकन, स्वामित्व योजना सहित विभिन्न लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन कराने और स्वामित्व योजना से संबंधित लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने कहा।
योजनाओं की जमीनी प्रगति की भी ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सुंदरा के सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए चौपाल आयोजित करने तथा पात्र हितग्राहियों का अधिक से अधिक पंजीयन कराने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ग्राम सुंदरा में कुल 48 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 32 आवास पूर्ण हो चुके हैं। कलेक्टर ने शेष अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवासों का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों और किसानों से जुड़े राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण करने, एग्रीस्टैक पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन कराने तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर सी.एल. मारकण्डेय, एसडीएम गौतम पाटिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भाजपा पार्षद एवं शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि सिन्हा के निवास पहुँचकर उनके पूज्य पिताश्री, सेवानिवृत्त इंजीनियर स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
डॉ. रमन सिंह ने स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिवार से भेंट कर अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा का जीवन सादगी, अनुशासन, ईमानदारी और सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण था। उनका व्यक्तित्व समाज के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।
शोक संवेदना व्यक्त करने के दौरान परिवार के सदस्य भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत नमिताब जैन दीपक कुमार सिन्हा योगेश सारथी रामकिशुन जायसवाल आभा जायसवाल पूर्णिमा साव संजय चौरसिया राजा माखीजा एवं अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित रहे। परिवार ने इस दुःख की घड़ी में पहुँचकर सांत्वना प्रदान करने के लिए डॉ. रमन सिंह के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भाजपा पार्षद एवं शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि सिन्हा के निवास पहुँचकर उनके पूज्य पिताश्री, सेवानिवृत्त इंजीनियर स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
डॉ. रमन सिंह ने स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिवार से भेंट कर अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्वर्गीय श्री राम रतन सिन्हा का जीवन सादगी, अनुशासन, ईमानदारी और सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण था। उनका व्यक्तित्व समाज के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।
शोक संवेदना व्यक्त करने के दौरान परिवार के सदस्य भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत नमिताब जैन दीपक कुमार सिन्हा योगेश सारथी रामकिशुन जायसवाल आभा जायसवाल पूर्णिमा साव संजय चौरसिया राजा माखीजा एवं अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित रहे। परिवार ने इस दुःख की घड़ी में पहुँचकर सांत्वना प्रदान करने के लिए डॉ. रमन सिंह के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
रायपुर / प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। राजनांदगांव जिला इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। योजनागत उपलब्धियों के आधार पर राजनांदगांव प्रदेश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
जिले में अब तक योजना के अंतर्गत 8 हजार 256 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4 हजार 120 हितग्राहियों के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि शेष प्रकरणों में दस्तावेजों के सत्यापन, संयंत्र स्थापना एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।
योजना के तहत अब तक 3 हजार 205 हितग्राहियों को शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ मिल चुका है। वहीं 1 हजार 155 परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। ये परिवार अब अपनी आवश्यकता के अनुरूप सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली खर्च में उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। कई हितग्राही अतिरिक्त उत्पादित बिजली को ग्रिड में भेजकर ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बन रहे हैं।
योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले की सभी जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से 'पीएम सूर्य सभा' आयोजित की जा रही है। इन सभाओं में नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, सब्सिडी की जानकारी तथा रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों के आवेदन भी मौके पर ही प्राप्त किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार शासन द्वारा सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली व्यय में कमी लाने, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने तथा ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करना है।
राजनांदगांव जिले की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रभावी जनजागरूकता, समयबद्ध क्रियान्वयन और हितग्राही-केंद्रित प्रयासों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा क्रांति का आधार बन रही है।
मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव/शौर्यपथ / नवपदस्थ पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय यादव ने कार्यभार संभालते ही पुलिस महकमे को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों के साथ अगर पुलिस के किसी भी स्तर के अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत पाई गई, तो उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पदभार ग्रहण करने के बाद आईजी अजय यादव ने राजनांदगांव, खैरागढ़ और मानपुर-मोहला जिले के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने पूरे रेंज के अपराध पैटर्न, कानून-व्यवस्था और जनता की अपेक्षाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।
0 बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने पर रहेगा जोर
आईजी अजय यादव ने कहा कि उनका मुख्य फोकस रेंज में बेसिक पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी व मजबूत बनाने पर रहेगा। इसके लिए वे जल्द ही सभी जिलों का जमीनी दौरा करेंगे और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप रणनीति तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) और शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अपराधों का त्वरित अनुसंधान और अपराधियों की धरपकड़ पुलिस की प्राथमिकता होगी।
0 अवैध शराब, सट्टा और जुए पर होगी चौतरफा कार्रवाई
शासन की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए नए आईजी ने कहा कि अवैध शराब, जुआ और सट्टा जैसे सामाजिक अपराधों पर चौतरफा और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माना कि राजनांदगांव रेंज की सीमाएं मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से लगी होने के कारण अवैध शराब के परिवहन की चुनौती रहती है। हालांकि, पुलिस पहले भी इस पर लगातार कार्रवाई करती रही है, लेकिन अब सीमाओं पर निगरानी और सख्त की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार या अपराधियों को संरक्षण देना पुलिसकर्मियों को भारी पड़ेगा।
0 ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और उपलब्ध बल का बेहतर उपयोग
शहर की ट्रैफिक समस्या को लेकर आईजी ने कहा कि वे जल्द ही राजनांदगांव एसपी के साथ पृथक से बैठक कर यातायात व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। उपलब्ध पुलिस बल का आकलन कर उसका इस तरह से प्रबंधन किया जाएगा ताकि यातायात सुचारू हो सके और कमियों को दूर किया जा सके। बल की कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि औद्योगिकीकरण और शहरीकरण के कारण पुलिस बल की मांग हमेशा बनी रहती है, लेकिन मुख्य फोकस उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर होना चाहिए।
0 शौर्यपथ के सवाल पर आईजी ने दिखाई सख्ती
दैनिक शौर्यपथ ने आईजी अजय यादव के समक्ष यह मुद्दा उठाया कि रेंज के कई क्षेत्रों में अवैध नशे के कारोबार में नाबालिग बच्चों का सहारा लिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस पर आईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कहा कि नाबालिगों को अपराध के लिए इस्तेमाल करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल छोटे-छोटे वाहकों पर कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि पूरे नेटवर्क का खुलासा कर मुख्य सरगनाओं और इस कारोबार को संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को संविधान के तहत मिले 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रभावी लाभ छत्तीसगढ़ में सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई है। श्री राजपूत करणी सेना (कालवी विचारधारा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसमें राज्य में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि संविधान के 103वें संशोधन के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार मिला है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इसका लाभ सभी पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रहा है। राजस्थान सहित कई राज्यों में इस दिशा में बेहतर व्यवस्था लागू की गई है, इसलिए छत्तीसगढ़ में भी इसे पूरी गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह ने कहा कि यह किसी वर्ग विशेष की नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकारों को हर पात्र नागरिक तक पहुंचाने की मांग है। ज्ञापन में राज्य सरकार से जल्द आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया गया है।
समाज ने रखी चार प्रमुख मांगें
राज्य में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रभावी और पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। ईडब्ल्यूएस आरक्षण के पालन की निगरानी के लिए राज्यस्तरीय मॉनिटरिंग बोर्ड का गठन किया जाए। ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए एक स्पष्ट, पारदर्शी और प्रभावी कार्यप्रणाली (एसओपी/दिशा-निर्देश) तैयार कर सभी विभागों में लागू की जाए। राजस्थान मॉडल के अनुरूप राज्य में लागू हो ईडब्ल्यूएस के सभी प्रावधान ,समयबद्ध तरीके से ईडब्ल्यूएस की कार्ययोजना और बजटीय प्रावधान हो
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश सह सचिव गोल्डी भदोरिया, जिलाध्यक्ष अमन बहादुर सिंह, संजय सिंह राजपूत,अजय कुशवाहा,कपिल चौहान, अभिनव सिंह, चंदन सिंह, संतोष ठाकुर सहित महिला विंग की महिलाएं उपस्थित रहीं.
मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव/शौर्यपथ / कोरकोट्टी नक्सली हमले की 17वीं बरसी पर रविवार को राजनांदगांव पुलिस ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक स्व. विनोद कुमार चौबे सहित 29 वीर पुलिस जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षित केंद्र स्थित शहीद स्मारक एवं मंगल भवन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा गया।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने शहीद परिवारों का शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया और उनसे आत्मीय संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण किया जाएगा। एसपी ने कहा कि शहीदों का सर्वोच्च बलिदान सदैव पुलिस परिवार और समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
शहीदों की स्मृति में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान 21 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने रक्तदान कर वीर शहीदों को अनूठी श्रद्धांजलि दी।
समारोह में सांसद संतोष पांडे, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। जनप्रतिनिधियों ने शहीद परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में कलेक्टर जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, डीएसपी किरण चौधरी, रक्षित निरीक्षक लोकेश कुमार कसेर, जिले के पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, शहीद परिवारों के सदस्य, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। अंत में सभी ने वीर शहीदों के साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को सदैव स्मरण रखते हुए राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
