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राजनांदगांव /शौर्यपथ / कोरोना महामारी की पृष्ठभूमि पर आधारित प्रख्यात साहित्यकार एवं केंद्रीय विद्यालय खैरागढ़ के हिंदी शिक्षक डॉ. योगेंद्र पांडेय के नवीनतम उपन्यास ‘यशस्विनी’ का विमोचन डॉ. प्रकाश खूंटे द्वारा किया गया। यह विमोचन हिंदी साहित्य जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
डॉ. योगेंद्र पांडेय निरंतर साहित्य-सृजन में सक्रिय हैं। उनके अनेक उपन्यास, कहानियाँ एवं साहित्यिक रचनाएँ विभिन्न दैनिक समाचार पत्रों तथा प्रतिष्ठित साहित्यिक प्रकाशनों में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदना और समकालीन विषयों की प्रभावशाली अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। नवीनतम उपन्यास ‘यशस्विनी’ कोरोना काल के कठिन समय में समाज, परिवार और व्यक्ति के संघर्ष, पीड़ा, धैर्य और आशा को संवेदनशील भाषा में प्रस्तुत करता है। यह कृति महामारी के दौर को साहित्य के माध्यम से सहेजने का एक सार्थक प्रयास है। उपन्यास का विमोचन करते हुए डॉ. प्रकाश खूंटे ने इसे समकालीन हिंदी साहित्य की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए आशा व्यक्त की कि यह उपन्यास पाठकों के बीच विशेष स्थान बनाएगा और समाज को आत्ममंथन की दिशा में प्रेरित करेगा।
छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों के लिए यह गर्व का विषय है कि वे अपनी भाषा और संस्कृति को शिखा की तरह प्रज्वलित रखते हुए हिंदी साहित्य को नई ऊर्जा, नई दिशा और नई पहचान प्रदान कर रहे हैं। इससे न केवल राज्य की साहित्यिक पहचान सशक्त होती है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा मिलती है। उपन्यास ‘यशस्विनी’ के प्रकाशन पर डॉ. योगेंद्र पांडेय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं तथा उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की गई।
0 व्यस्त मार्ग पर स्ट्रीट लाइट नदारद, प्रशासन की अनदेखी से राहगीर और वाहन चालक परेशान
राजनांदगांव /शौर्यपथ /फरहद चौक पर व्याप्त अंधेरा अब आमजन के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। यह चौक मोहरा, अंबागढ़ चौकी, पेंड्री एवं ट्रांसपोर्ट नगर को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है, जहां से दिन-रात छोटे-बड़े वाहनों का निरंतर आवागमन होता रहता है। इसके बावजूद चौक एवं आसपास के क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं होने से यहां घुप्प अंधेरा पसरा रहता है।
स्थानीय नागरिकों एवं वाहन चालकों का कहना है कि अंधेरे के कारण रात के समय राहगीरों को चलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तेज रफ्तार वाहनों, दोपहिया चालकों एवं पैदल यात्रियों के लिए यह स्थिति बेहद जोखिम भरी बन चुकी है। कई बार दुर्घटना होते-होते बची है, लेकिन अब किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग एवं प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यदि जल्द ही फरहद चौक पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं की गई, तो यह अंधेरा किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं और खराब लाइटों की मरम्मत कराई जाए, ताकि आमजन सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकें।
राजनांदगांव, ।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में संचालित धान खरीदी अभियान से किसानों में उत्साह और संतोष का माहौल है। शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा तक धान खरीदी की जा रही है।
जिले में धान खरीदी के सुचारू संचालन हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाइस, श्रमिकों की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आर्द्रता मापी यंत्रों के माध्यम से धान की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। जिले के सभी 96 धान खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य एवं खरीदी संबंधी जानकारी प्रदर्शित की गई है।
धान बिक्री के लिए किसान ‘टोकन तुंहर हाथ’ मोबाइल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे समय की बचत हो रही है और किसानों को सुविधा मिल रही है। धान खरीदी केंद्रों की सतत निगरानी की जा रही है तथा कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान खरीदी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अब तक जिले में 84,398 पंजीकृत किसानों से 44,11,868.40 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी कुल कीमत 1047 करोड़ 41 लाख 77 हजार रुपये है। धान का उठाव भी निरंतर जारी है और अब तक 11,89,219.50 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है।
धान खरीदी अभियान की सुचारू व्यवस्था और समय पर भुगतान से जिले के किसानों में संतोष और भरोसा बढ़ा है।
राजनांदगांव ।
ग्रामीण क्षेत्रों में भू-जल संरक्षण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने मिशन जल रक्षा के अंतर्गत निर्मित जल संरचनाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बरगा एवं फरहद में परकोलेशन टैंक, इंजेक्शन वेल तथा बोरवेल सह रिचार्ज सॉफ्ट सैंड फिल्टर संरचनाओं का अवलोकन किया।
इसके अतिरिक्त ग्राम भंवरमरा में निर्मित ऑक्सीजोन संरचना का भी निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने भू-जल संवर्धन से जुड़ी तकनीकी विशेषताओं पर अधिकारियों से चर्चा की तथा समीप निर्मित बोरवेल सह रिचार्ज सॉफ्ट सैंड फिल्टर के निर्माण कार्य को भी देखा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि बोरवेल रिचार्ज सॉफ्ट सेंटर एक प्रभावी एवं उपयोगी तकनीक है, जिसके माध्यम से असफल बोरवेल में पुनर्भरण कर भू-जल स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने जिले में जल संरक्षण के लिए नवीन तकनीकों के अधिकाधिक विस्तार के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर जल संरचनाओं के उपयोग, रख-रखाव तथा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी भी ली।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्ता, डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार, जनपद पंचायत सीईओ मनीष साहू, फैज मेमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
राजनांदगांव ।
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा जिले में विशेष जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में परिवहन जांच चौकी पाटेकोहरा में रात्रिकालीन विशेष अभियान के तहत अंतर्राज्यीय तथा राज्य के भीतर संचालित 26 यात्री स्लीपर बसों की सघन जांच की गई।
जांच के दौरान बसों में फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट-एड बॉक्स, इमरजेंसी एग्जिट, रिफ्लेक्टर, स्पीड गवर्नर सहित अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता की बारीकी से जांच की गई। कई बसों में सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधित बस संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुल 46 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
अभियान के दौरान वाहन चालकों एवं बस संचालकों को यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और विशेष जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
राजनांदगांव ।
राज्य शासन द्वारा नागरिकों को विभिन्न शासकीय दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा दस्तावेजों में आवश्यक संशोधन की सुविधा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (लोक सेवा केंद्र) की स्थापना की गई है। जिले में वर्तमान में 9 लोक सेवा केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।
ये लोक सेवा केंद्र जिला कार्यालय (कलेक्टोरेट), नगर निगम राजनांदगांव, तहसील कार्यालय राजनांदगांव, डोंगरगांव, छुरिया, डोंगरगढ़, घुमका, लालबहादुर नगर तथा जनपद पंचायत डोंगरगांव में संचालित हैं।
लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से जाति, निवास, आय एवं विवाह प्रमाण पत्र, दुकान एवं स्थापना पंजीयन, व्यापार लाइसेंस, सभी प्रकार की पेंशन सेवाएं, नगरीय क्षेत्र में संपत्ति नामांतरण, नल कनेक्शन, सूचना का अधिकार, भूमि उपयोग संबंधी जानकारी सहित कुल 76 सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्रदान की जा रही हैं। सभी सेवाओं के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित की गई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल 2025 से अब तक जिले में लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 1,37,080 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,23,064 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। इस अवधि में डोंगरगांव से 21,053, डोंगरगढ़ से 18,419, कुमरदा से 12,456, घुमका से 9,790, लालबहादुर नगर से 9,826 तथा राजनांदगांव से 30,422 नागरिक इन सेवाओं से लाभान्वित हुए हैं।
ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे हृदयघात, ब्रेन स्ट्रोक एवं अनियमित हृदयगति जैसी गंभीर समस्याओं की आशंका बढ़ जाती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में अत्यधिक ठिठुरन, शरीर का अकड़ना, उंगलियों का पीला या सफेद पड़ जाना, सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
उन्होंने नागरिकों को ठंड से बचाव के लिए स्वेटर, जैकेट, मोजे, दस्ताने सहित गर्म कपड़ों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, मौसम के अनुरूप वस्त्र पहनने तथा अनावश्यक रूप से ठंड में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या टोल-फ्री नंबर 104 पर संपर्क करने का आग्रह किया गया है।
डॉ. नवरतन ने शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करते रहने तथा आग तापते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने बंद कमरे में कोयला या लकड़ी न जलाने की चेतावनी दी, क्योंकि इससे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस अत्यंत जहरीली और जानलेवा हो सकती है।
उन्होंने बताया कि जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में ठंड से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु पृथक बेड आरक्षित रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
राजनांदगांव ।
आयुष विभाग द्वारा डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम कोलिहापुरी में विकासखंड स्तरीय निःशुल्क आयुष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आयुर्वेद, होम्योपैथी तथा राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत संचालित एनपीसीडीसीएस योजना के तहत ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।
शिविर में कुल 518 रोगियों ने उपचार का लाभ लिया। इनमें से 62 रोगियों की ब्लड प्रेशर एवं मधुमेह जांच कर उन्हें आहार-विहार संबंधी आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया। साथ ही गैर-संक्रामक रोगों के कारण, लक्षण एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
शिविर के दौरान योग, प्राणायाम, दिनचर्या, ऋतुचर्या तथा स्वर्णप्राशन के महत्व पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। रोगियों को आवश्यकता अनुसार निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। इस अवसर पर 128 बच्चों का स्वर्णप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया।
शिविर में ग्राम सरपंच मदन देवांगन विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आयुर्वेद चिकित्साधिकारी हर्ष साहू, शोबी खान, वंदना डकहा, होम्योपैथी चिकित्साधिकारी आलोक कल्चुरी, आयुष चिकित्सक अनमोल गुप्ता, योग चिकित्सक स्नेहा देशमुख सहित आयुष विभाग के अन्य कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
राजनांदगांव ।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा अद्र्धवार्षिक परीक्षा में अपेक्षाकृत कम परिणाम वाले राजनांदगांव विकासखंड के हायर सेकेंडरी स्कूल बोरी एवं भेड़ीकला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई की स्थिति, विषयों की समझ और परीक्षा तैयारी की जानकारी ली।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि पढ़ाई कोई कठिन कार्य नहीं है। निरंतर अभ्यास, समय प्रबंधन और ध्यान केंद्रित करने से किसी भी विषय को आसानी से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी जैसे विषयों पर विशेष फोकस करने की आवश्यकता है तथा पाठ्यक्रम पूर्ण होने के बाद पूर्व वर्षों के प्रश्न पत्रों का नियमित अभ्यास करना अत्यंत लाभकारी होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि असफलता से घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। पढ़ाई के लिए आज अनेक विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें शिक्षक, पुस्तकें एवं ऑनलाइन माध्यम शामिल हैं। स्कूल से घर लौटने के बाद भी नियमित स्व-अध्ययन और अभ्यास को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। शिक्षा ही जीवन को सही दिशा देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम है।
कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की कमजोरियों की पहचान कर विषयवार विशेष ध्यान दें तथा परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए अतिरिक्त कक्षाओं और पुनरावृत्ति अभ्यास पर जोर दें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत और मार्गदर्शन से ही बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए विद्यार्थियों को अभी से गंभीरता से तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने और पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने की सलाह दी।
निरीक्षण के दौरान डीएमसी सतीष ब्यौहारे, जनपद पंचायत सीईओ मनीष साहू, फैज मेमन सहित अन्य अधिकारी एवं विद्यालय के शिक्षक उपस्थित थे।
राजनांदगांव | शौर्यपथ |
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दूसरे दिन राजनांदगांव पुलिस द्वारा हेलमेट के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली का नेतृत्व स्वयं पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना रहा।
हेलमेट जन-जागरूकता बाइक रैली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) मुकेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक, प्रशिक्षु आईपीएस एवं नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन, रक्षित निरीक्षक लोकेश कुमार कसेर, यातायात प्रभारी निरीक्षक नवरतन कश्यप सहित यातायात स्टाफ, शहर के थाना व चौकी का पुलिस बल बड़ी संख्या में शामिल हुआ।
रैली पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्रारंभ होकर नया बस स्टैंड चौक, गुरुद्वारा चौक, मानव मंदिर चौक, भारत माता चौक, गंज चौक, बसंतपुर थाना तिराहा, दुर्गा चौक, महावीर चौक, फव्वारा चौक, अंबेडकर चौक, प्यारेलाल चौक सहित प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के दौरान शहरवासियों को सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की कि—
दुपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें
तीन सवारी न चलें
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें
तेज एवं लापरवाही से वाहन न चलाएं
चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट अवश्य लगाएं
नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें
निर्धारित गति सीमा का पालन करें
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात रथ, जागरूकता रैलियों एवं अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से सड़क सुरक्षा को लेकर यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और नागरिकों की जान सुरक्षित रहे।
पखवाड़ा के दौरान स्वच्छता शपथ, स्वच्छता जागरूकता दिवस, कचरा प्रबंधन, परिसर एवं तालाब की सफाई, पौधरोपण एवं प्रतिदिन स्वच्छता श्रमदान जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कृषक एवं छात्र-छात्राओं के लिए स्वच्छता प्रश्नोत्तरी भी रखी गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत 23 दिसंबर को किसान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर केन्द्र के वैज्ञानिकों ने—
तिलहन फसल उत्पादन
मशरूम उत्पादन तकनीक
चना एवं गेहूं की उन्नत खेती
प्राकृतिक खेती
पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए।
कृषकों के लिए प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया, जिसमें विजेता कृषकों को आम, आंवला, अमरूद सहित विभिन्न फलदार पौधों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सीधा प्रसारण के माध्यम से कृषकों को केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के उद्बोधन से जोड़ा गया।
साथ ही विकसित भारत जी-राम-जी योजना और विकसित कृषि संकल्प अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई।
किसानों को मनरेगा के तहत 100 की बजाय 125 दिवस कार्य उपलब्ध कराने की नवीन प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा, वैज्ञानिक डॉ. नूतन रामटेके, श्रीमती अंजली घृतलहरे, श्री आशीष गौरव शुक्ला, श्री जितेन्द्र मेश्राम एवं स्वच्छता पखवाड़ा प्रभारी डॉ. योगेन्द्र श्रीवास सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / भारतीय सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा आयोजित ऑनलाईन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) में उत्तीर्ण उम्मीदवारों की अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क व स्टोर कीपर, अग्निवीर ट्रेडसमेन (आठवीं व दसवीं) के पदों पर भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं अन्य भर्ती प्रक्रिया 10 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक इंडोर स्टेडियम धमतरी में की जाएगी। राजनांदगांव जिले के पात्र आवेदकों के लिए 18 जनवरी 2026 को अग्निवीर जनरल ड्यूटी एवं 20 जनवरी 2026 को अग्निवीर ट्रेडसमेन (दसवीं) की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को प्रवेश पत्र उनके ई-मेल पर भेज दिया गया है। इसके साथ ही प्रवेश पत्र वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in से प्राप्त कर सकते है। परीक्षा शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड एवं सभी कागज रैली अधिसूचना के अनुसार और साथ में आधार कार्ड से लिंक मोबाईल भी लेकर आना अनिवार्य है। परीक्षा के संबंध में अन्य जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव के दूरभाष क्रमांक 07744-299523 पर संपर्क कर प्राप्त कर सकते है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के संबंध में अधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि अधीनस्थ कार्यालयों में ई ऑफिस में ऑनबोर्डिंग हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अधीनस्थ कार्यालयों में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली आज से लागू हो रही है। इसके लिए ई-ऑफिस के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी ही आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के नोडल अधिकारी होंगे। इसके लिए सभी अधिकारी निरंतर अभ्यास जारी रखें। यह अभ्यास लोकेशन की प्रामाणिकता, ऐप इंस्टॉलेशन, प्रतिदिन उपस्थिति के तकनीकी पहलुओं, कार्य सत्यापन के साथ ही इसे सीखकर आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में अपनी उपस्थिति देंगे। जिससे कार्य के प्रति विश्वनीयता और अनुशासन रहेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को इसके संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टोरेट में पदस्थ सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में समय पर उपस्थिति देने के निर्देश दिए। इस दौरान सभी को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मार्कण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। किसानों द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन से संबंधित संशोधन एवं आवेदन किए गए हैं। किसानों को समयबद्ध लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। राज्य शासन द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरांत 7 जनवरी 2026 तक संबंधित राजस्व विभाग एवं अन्य अधिकृत विभागों के अधिकारियों एवं पटवारियों को भौतिक सत्यापन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है। जिससे पात्र किसानों को योजना का लाभ बिना विलंब के प्रदान किया जा सकेगा। जिले के समस्त एसडीएम एवं तहसीलदारों को व्हीसी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान कर आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया है। साथ ही किसानों से सत्यापन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की गई है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों के हित में पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
