कोंडागांव / शौर्यपथ /
शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं एवं नगरपालिका द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के संबंध में आ रही समस्याओं के निदान एवं उनके निराकरण के लिए कांग्रेस के प्रतिनिधियों द्वारा नगर के विभिन्न वार्डो में सात दिनों तक सामाधन शिविरों का आयोजन किया जा रहा हैं। पहले ही दिन मंगलवार को कोपाबेडा वार्ड क्रमांक 15 में इस शिविर का आयोजन किया गया। चार घंटे चलने वाली इस समाधन शिविर में वाडर्वासियों ने बिजली, पानी, राशनकाडर्, वनाधिकार पट्टा सहित अन्य मांगों को लेकर शिविर स्थल पहुंचे। जहॉ अपनी समस्याओं को एक निधार्रित फारमेर्ट में भरकर जमा करते दिखाई पड़े तो कुछ लोगों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया तो कुछ को समधान के लिए नियामानुसार कायर्वाही करने की बात की गई अब देखना होगा कि, इस शिविर का कितना फायदा वाडर्वासियों को मिल पाता है या फिर यह भी कागजी कायर्वाही तक ही सिमटकर रह जाएगा।
नगर पालिका उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी ने इस शिविर के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि, नगर प्रशासन के द्वारा यह आयोजन तो किया जा रहा है, लेकिन यहॉ वनाधिकार के लिए दिये जाने वाले फॉरमेट ही गलत है जब कि वन अधिकार पट्टा के लिए आदिवासियों ओबीसी के लिए पिले रंग का फार्म आता है व गैर आदिवासियों के लिए गुलाबी रंग का जब इनके पास ऐसा फार्म ही नही है तो ये वन अधिकार पट्टा कैसे देंगे तो ये एक सोचने का विषय है कि पब्लिक को किस तरह गुमराह किया जा रहा है और हाल ही में 2 दिन पूर्व ही जिले के विधायक मोहन मरकाम जी यहां पर आए थे और उन्होंए यह कहा है कि रोडो की स्वीकृती हो गई है जैसा कि आज अधोसंरचना मद के अंतर्गत हम जानते है कि किसी भी क्षेत्र में चाहे वह पंचायत हो या नगर पंचायत, नगर पालिका मुख्यमंत्री जी के द्वारा घोषणा किया गया था कि राशि बढ़ा कर सभी पंचायतों व नगर पालिका में दिया जायेगा जिसके तहत नगर पालिका परिषद में पांच करोड़ रुपया अधोसंरचना मद में आया है और उसे वितरण करते हुए नगर पालिका सीएमओ व अध्यक्ष मोहदया के द्वारा सभी वार्डो में चाहे वह कांग्रेस के हो या भाजपा के सभी वार्डो में 22- 22लाख रुपये का काम स्वीकृत किया गया है और विधायक जी द्वारा अपना श्रय लिया जा रहा ।जब कि इसकी तकनीकी स्वीकृति व प्राकलन भी नही हुआ है और वादों में सूची को देख के बोल रहे है कि यहां पर स्वीकृत करा दिए है ये रोड बनने वाला है तो इस तरह का झूठा आस्वासन जनता को देना ठीक नही है।
उसेंडी ने आगे कहा कि मरकाम जी का धरातलीय जमीन खिसकते नजर आ रहा है वो सिर्फ कागज में लिखा हुआ उसको पड़ के वार्डो का भ्रमण कर रहे है और जनता को ये बतारहे है कि पैसा में ला रहा हु मै काम करा रहा हु जब कि यह कोई भी सरकार रहें पंचायत नगर पंचायत व नगर पालिका परिषद में जो राशि आनी है वो आते ही रहेगा।
नगर पालिका परिषद कोंडागांव में 2019 में जब परिषद का चुनाव होने वाला था उस वक्त विधायक मोहन मरकाम के द्वारा नजूल भूमि वन झुग्गी झोपड़ी पट्टा देने का फॉर्म भरवाया गया था जो आज दिवस तक नही मिला है कोंडागांव के पूरे 22 वार्डो में यह फॉर्म भरवाया गया था आज हितग्राही उस पट्टे का शुल्क जमा कर चुके है अब वो हितग्राही नगर पालिका आ रहे है या तहसील ऑफिस या जिला कार्यालय जा कर भटक रहे है विगत तीन सालों में 142 लोगो को पट्टा मिला है क्यों कि वह चुनावी सभा था उसके बाद आज तक किसी व्यक्ति को झुग्गी झोपड़ी वालो को पट्टा नही मिला है उसके लिए विधायक जी क्या कर रहे है ?उन्हें सोचना चाहिए इस ओर हितग्राही किसके पास जाए जनप्रतिनिधि या विधायक जी या कलेक्टर जी के पास घूम घूम के परेशान है अब ये नया प्रलोभन वन अधिकार पट्टा देने की बात कह रहे है।