राजनांदगांव/शौर्यपथ /
जन स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता में रखकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हुए जिला अस्पताल में विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया गया। इस अवसर पर शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा उनको आवश्यक परामर्श दिया गया। इसी तरह जिले में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्तर पर रंगोली, चित्रकला व पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता के माध्यम से जन-जागरुकता का प्रयास करते हुए उच्च रक्तचाप के कारण, लक्षण तथा इससे बचाव के उपायों का प्रचार-प्रसार किया गया।
प्रत्येक वर्ष 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस मेजर योर ब्लड प्रेशर एक्यूरेटली, कंट्रोल इट, लाइव लांगर यानि अपने रक्तचाप को सही तरीके से मापें इसे नियंत्रित करें, अधिक समय तक जीवित रहे, की थीम पर मनाया गया। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा व जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर ने कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में पहुंचकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी की मौजूदगी में बीपी व शुगर की जांच कराई। वहीं जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। विकासखंड स्तर पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में जन-जागरुकता के लिए रंगोली, चित्रकला व पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में भी विशेष रूप से ओपीडी में आने वाले 30 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों के ब्लड प्रेशर व शुगर लेबल की जांच की गई।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया: अनियमित दिनचर्या और अनुचित खान-पान की वजह से स्वास्थ्य को काफी नुकसान होता है। अनुचित खान-पान व भाग-दौड़ भरी दिनचर्या की वजह से रक्तचाप पर भी इसका असर पड़ता है और तभी व्यक्ति उच्च रक्तचाप या फिर निम्न रक्त चाप का मरीज बन जाता है। इसीलिए विशेषकर 30 वर्ष की आयु के बाद स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ ही ब्लड प्रेशर व मधुमेह की जांच भी सभी को कराना ही चाहिए, ताकि इससे संबंधित बीमारियों को शुरुआत में ही नियंत्रित किया जा सके। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर भी जिले में लोगों को उच्च रक्तचाप से उत्पन्न होने वाली समस्याएं, कारण, लक्षण तथा इससे बचाव संबंधी जानकारी देते हुए इस दिशा में जागरुक करने का प्रयास किया गया। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में शिविर लगाकर रक्तचाप और मधुमेह की स्क्रीनिंग की गई तथा आवश्यक परामर्श दिया गया।
रक्तचाप या उच्च रक्तचाप के प्रमुख कारण व लक्षण
रक्तचाप या उच्च रक्तचाप कई कारणों से होता है जिनमें से कुछ कारण शारीरिक और कुछ मानसिक होते हैं। रक्तचाप से तेज सिरदर्द, थकान, भ्रम, देखने में समस्या, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अनियमित रूप से बढऩे वाली दिल की धड़कन, यूरिन में ब्लड आना ऐसे लक्षण हो सकते हैं। इससे बचने के लिए जंक फूड खाने से परहेज करना चाहिए तथा अनियमित जीवन शैली में सुधार लाना चाहिए। जीवन में मानसिक तनाव को कम करने व शरीर को सक्रिय बनाए रखने के लिए डॉक्टर की सलाह से व्यायाम को नियमित दिनचर्या में शामिल करना चाहिए ताकि स्वस्थ व निरोग रहें।
रोकथाम व उपचार
हरी साग-सब्जियों का सेवन ज्यादा करना, नमक का कम उपयोग करना, नशीली और धूम्रपान जैसी चीजों का सेवन ना करना, समय पर डॉक्टर से जांच कराकर और परामर्श लेना, डॉक्टर की सलाह से नियमित रूप से व्यायाम कारगर है।