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सिनेमा लाइन अब अणुव्रत मार्ग के नाम से जाना जाएगा,पट्टिका का हुआ अनावरण

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राजनांदगांव/शौर्यपथ /

सिनेमा लाइन अब अणुव्रत मार्ग के नाम से जाना जाएगा। महापौर  हेमा देशमुख के मुख्य आतिथ्य में एवं सकल जैन संघ के अध्यक्ष तथा पूर्व महापौर नरेश डाकलिया की अध्यक्षता में और पूर्व महापौर सुदेश देशमुख, निगम के नेता प्रतिपक्ष किशन यदु, पार्षद मणि भास्कर गुप्ता, पार्षद मधु बैद, पार्षद शरद सिन्हा, पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना तथा जिला कांग्रेस के अध्यक्ष पदम कोठारी के विशेष आतिथ्य में मानव मंदिर चौक में अणुव्रत मार्ग की पट्टिका का अनावरण हुआ। इस दौरान एक संक्षिप्त समारोह का आयोजन भी किया गया।

संक्षिप्त समारोह को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने कहा कि वह बिलासपुर एक कार्यक्रम में गई थी, जहां उन्हें न्यायाधीश गौतम चौरडिया ने अणुव्रत की एक पुस्तिका दी थी, जिसे उन्होंने पढ़ा और उनके मन में आया कि यह बहुत अच्छे विचार हैं। इस पुस्तक में एक अणु विभा का भी उल्लेख है और वे चाहती हैं कि यह कार्यक्रम जैन समाज द्वारा किया जाए। अणुव्रत किसी एक जातीय सांप्रदायिक शेष के लिए नहीं, बल्कि सभी समाज के लिए है। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री महाश्रमण का राजनांदगांव आगमन हुआ था, उस दौरान जैन समाज के लोग उनसे मिले और शहर के किसी एक मार्ग का नाम अणुव्रत मार्ग रखने का अनुरोध किया, ताकि यह याद चिरस्थाई रह सके। उन्होंने बताया कि सामान्य सभा में यह विचार रखा गया और सबने मिलकर इसकी सहमति दी। वे जैन समाज के लोगों का आभार मानती हैं कि इस दिन सुबह से लेकर शाम तक रहे।

इससे पूर्व कार्यक्रम का संचालन करते हुए इंदरचंद कोठारी ने कहा कि अणुव्रत आचार्य श्री तुलसी के सभी समाज के लिए विचार थे और इस बारे में समाज के सभी लोगों को जानना चाहिए। उन्होंने तेरापंथ सभा के अध्यक्ष राजेंद्र सुराणा को इस संबंध में अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित किया। श्री सुराणा ने कहा कि चार मार्च 2021 को तेरापंथ धर्म संघ के 11वें आचार्य श्री महाश्रमण जी राजनांदगांव पधारे थे। उनके आगमन की याद को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने सिनेमा लाइन को अणुव्रत मार्ग नामकरण करने की घोषणा की थी। इस मार्ग के नामकरण के लिए पूर्व महापौर सुदेश देशमुख, सकल जैन श्री संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर नरेश डाकलिया तथा नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु, सहित पार्षदों का सहयोग मिला और मानव मंदिर चौक से लेकर आजाद चौक तक की सड़क का नाम अणुव्रत मार्ग रखा गया जिसकी पट्टिका का आज अनावरण होने जा रहा है।

पूर्व महापौर एवं सकल जैन  संघ के अध्यक्ष नरेश डाकलिया ने कहा कि अणुव्रत मार्ग का नाम केवल कागजों तक ही सीमित ना रह जाए, बल्कि यह व्यवहार में भी आए और यहां के व्यापारी अपने पत्र व्यवहार में अणुव्रत मार्ग का उल्लेख करें। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यक्रम के बाद उपस्थितजन मानव मंदिर से लेकर आजाद चौक तक पदयात्रा करें और यहां के व्यापारियों से अनुरोध करें कि वे अपने पत्र व्यवहार में तथा बोर्ड में अणुव्रत मार्ग का उल्लेख करें। पद्मश्री पुखराज बाफना ने कहा कि अणुव्रत मार्ग एक सराहनीय पहल है और यह सभी समाज के लोगों के लिए है। उन्होंने आचार्य तुलसी की बातों को याद करते हुए कहा कि आचार्य तुलसी ने कहा था कि वे संप्रदाय से हैं किंतु वे संप्रदाय में नहीं हूं। अणुव्रत की भावना व्यापक है। इसके अनुसार किसी छोटे से छोटे प्राणी से भी अनावश्यक हिंसा न की जाए और जियो और जीने दो के सिद्धांत पर चला जाए। अणुव्रत का पालन सभी धर्म एवं समाज के लोगों को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबेरा संकेत के संपादक सुशील कोठारी जी भी यहां बैठे हुए हैं और उनकी इच्छा है कि वे अपने समाचार पत्र में अणुव्रत के संबंध में एक लेख छापे, ताकि लोग इसके संबंध में जाने और आचरण करें। संबोधन से पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ महिला मंडल के मंगलाचरण से हुआ।

पट्टिका अनावरण के पश्चात उपस्थित जैन समाज के लोग मानव मंदिर से लेकर आजाद चोक तक पदयात्रा कर दुकानदारों से अपने पत्र व्यवहार में तथा अपनी दुकान की बोर्ड में अणुव्रत मार्ग करने का अनुरोध किया। कार्यक्रम के दौरान सुशील कोठारी, तेरापंथ सभा के उपाध्यक्ष शैलेंद्र कोठारी, सचिव विनय डड्ढा, भवन प्रभारी दीपक कोठारी, पार्षद अमीन हुड्डा, मधुकर बंजारी, मूर्तिपूजक संघ के ट्रस्टीराजेंद्र कोटडिया (गोमा), पंकज बांधव, सूर्यकांत जैन, शंकर कोठारी, ज्ञानचंद बाफना, उत्तम बाफना, बालचंद पारख, ओम कांकरिया, संजय छाजेड़, संजय गोलछा, अशोक मोदी, प्रकाश श्रीमाल, संजय श्रीमाल, तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष  प्रभा जैन एवं महिला मंडल की सदस्याएं, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष सौरभ सुराणा, विजय कांकरिया, संतोष कोठारी, संतोष कांकरिया, शांतिलाल सुराणा, महेंद्र सुराणा सहित बड़ी संख्या में तेरापंथ समाज एवं सकल जैन संघ के लोग एवं आमजन उपस्थित थे।

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