कबीरधाम/शौर्यपथ /
सर्दी-बुखार, दर्द, मौसमी बीमारी, बीपी-शुगर की दवाई की बात हो या खून जांच कराने की हाट-बाजार क्लीनिक में सब सुविधाएं दी जा रही हैं। ऐसे में ग्रामीणों को दवाई, जांच या इलाज के लिए अब न तो दूर-दूर भटकना पड़ रहा है और न ही उनमें इलाज के खर्च का कोई तनाव है। लाभार्थियों का कहना है, हाट-बाजार क्लीनिक किसी वरदान से कम नहीं है।
दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ तरीके से पहुंचाने के लिए छतीसगढ़ सरकार द्वारा अक्टूबर-2019 से मुख्यमंत्री हाट-बाजार योजना शुरू की गई है। बीच में कोविड काल में इसकी रफ्तार में रुकावट आई थी, लेकिन अब पुन: यह लोगों की सेवा में अनवरत जारी है। इसी क्रम में कबीरधाम जिले में अब जल्द ही कुल 84 हाट-बाजार क्लीनिक संचालित करने की तैयारी की जा रही है, मार्च-2022 के पहले तक इनकी संख्या 25 थी, जिसे बढाकर अब 60 की गई है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुजॉय मुखर्जी ने बताया: जिले में शत-प्रतिशत हाट-बाजार क्लीनिक संचालित करने पर विचार किया जा रहा है। जिले में अक्टूबर-2019 से अब तक लगभग 85,989 लोगों ने हाट-बाजार में जांच, उपचार व परामर्श की सेवा का लाभ लिया है। प्रति हाट-बाजार क्लीनिक की जिले में औसत ओपीडी लगभग 89 है और मार्च-2022 से अब तक महज ढाई माह में ही 32,637 लोगों को सेवाएं दी जा चुकी है। प्रेरक बात यह भी है कि कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने खुद भी हाट-बाजार क्लीनिक पहुंचकर अपने स्वास्थ्य की जांच कराई है।
डॉ. मुखर्जी ने आगे बताया: वर्तमान में जिले में संयुक्त स्वास्थ्य टीम कार्य कर रही है। टीम में मेडिकल ऑफिसर, ग्रामीण चिकित्सा सहायक, स्टाफ नर्स, एमएलटी, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों, एएनएम के साथ-साथ आयुर्वेद चिकित्सकों की भी ड्यूटी लगाई गई है, ताकि जनता को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इस क्लीनिक में आवश्यक रक्त परीक्षण, जांच के साथ तमाम बीमारियों का प्राथमिक उपचार व परामर्श की सेवाएं ग्रामीणों को दी जा रही है। उच्च चिकित्सा वाले प्रकरणों की पर्याप्त काउंसलिंग करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों अथवा जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है, जिससे मरीज को सम्पूर्ण उपचार मिल सके।
जिला प्रशासन की टीम का लगातार औचक निरीक्षण
कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा, एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल व पंडरिया एसडीएम दिलेराम डाहिरे की संयुक्त टीम द्वारा गत दिनों खैरझिटी के हाट-बाजार का दौरा कर स्टाफ की सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, ओपीडी की संख्या आदि की जानकारी ली गई। इसी तरह पनेका हाट-बाजार पहुंचकर कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा व कवर्धा एसडीएम विनय कुमार सोनी ने जानकारियां ली। इस दौरान स्टॉफ को अपने तय ड्रेस में रहने, हाट-बाजार वाहन में बैनर, फ्लैक्स अनिवार्य लगाने, प्रत्येक हाट-बाजार में टीम का स्थान तय रखने व सही तरह से व्यवहार रखते हुए मरीजों को सेवाएं देने का सख्त निर्देश भी कलेक्टर ने दिया है।
अब भटके ल नई पडय़: तुलसी
लाभार्थी कुंडपानी निवासी 52 वर्षीय तुलसी कुंजाम ने कहा, सरकार ह स्वास्थ्य सुविधा ल हमर घर दुआरी म पहुंचा दे हे, अब सर्दी-बुखार, दर्द, मौसमी बीमारी, कोनो परकार के खून जांच अउ बीपी-सुगर के दवई बर हमन ला भटके ल नई पडय़। हाट-बाजार क्लीनिक ह स्वास्थ्य सुरक्षा बर सुग्घर अउ सस्ता रद्दा बनगे हवय। ए योजना ह हमर मन बर कोनो वरदान ले कम नई हे।