राजनांदगांव / शौर्यपथ /
जिले में कोरोना काल में जब सरकारी स्कूल बंद थे तो मध्याह्न भोजन पकाने के लिए 2 करोड़ 34 लाख रूपये के किचन डिवाईस की खरीदी कर सप्लाई किया गया था, जो किचन डिवाईस खरीदी व वितरण किया गया, वह निर्धारित मानको के अनुरूप नहीं था, गुणवत्ताहीन था, जिसे वापस कर निर्धारित मानको के अनुरूप सिप्लाई किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं कर तत्कालिक जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव हेतराम सोम ने उसी घटिया क्वालिटी के किचन डिवाईस को वितरण करा दिया गया।
छग विधानसभा 2021 के मानसून सत्र में यह मिथ्या जानकारी दिया गया कि राजनांदगांव में ऐसा कोई बर्तन खरीदी में गड़बड़ीं नही हुआ है, लेकिन जब लिखित शिकायत हुआ और विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पुन: विधायक ने सवाल पुछा तो यह स्वीकार किया गया कि हां, बर्तन खरीदी में गड़बड़ी हुई थी।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने कलेक्टर से मांग किया था कि इस बर्तन घोटाले की उच्च स्तरीय जांच किया जाना चाहिए, क्योंकि हेतराम सोम ने संबंधित कंपनियों के साथ सांठगांठ कर घटिया क्वालिटी के किचन डिवाईस को वितरण कर केन्द्र सरकार से प्राप्त आबंटन का बंदरबाट कर दिया गया, तो कलेक्टर ने तीन सदस्यी जांच टीम का गठन का सुक्ष्मता से जांच करने का आदेश दिनांक 02 मार्च 2022 को दिया था और अब इस जांच समिति ने हेतराम सोम को जून 8 को जांच समिति के समक्ष उपस्थिति होने समन जारी किया है और जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर को समन तामिल कराने के लिए निर्देशित किया गया है।