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आरटीई प्रतिपूर्ति राशि को गबन करने का आरोप, प्रधानमंत्री से हुई शिकायत

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राजनांदगांव /शौर्यपथ/ राज्य सरकार द्वारा गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार कानून के अंतर्गत प्रायवेट विद्यालयों में नि:शुल्क देने के लिए राशि जारी करती है, जिसका अधिकांश व्यय यानि सत्तर प्रतिशत अंश केन्द्र सरकार देती है और 30 प्रतिशत अंश राज्य सरकार देती है।

क्या है मामला

 गौतम टेकनो स्कूल-मोहला, जिसके संचालगण जो मणीपुर के थे जो बिना किसी को बताए ही स्कूल बंद कर वर्ष 2020 से लापता हो गए, जिसकी विधिवत् सूचना नोडल प्राचार्य और बीईओ मोहला के द्वारा दिनांक 24 मार्च 2021 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दे दिया गया था जिसके पश्चात् जिला शिक्षा अधिकारी ने इसकी सूचना उसी दिन डीपीआई में देकर इस स्कूल को बंद स्कूलों की सूची में डाल दिया था।
फंड जारी कर दिया
लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस स्कूल को दिनांक 10 अक्टूबर 2020 को एक लाख सैंतालिस हजार रूपया ट्रांसफर कर दिया गया और बताया गया कि इस स्कूल में आरटीई के अंतर्गत 21 गरीब बच्चे पढ़ रहे है।
0क्या आरोप लग रहा है?
शिकायतकत्र्ता प्रेमनारायण वर्मा यह आरोप लगा रहे है कि इस स्कूल के संचालकगण कई वर्षो से लापता है और स्कूल को बंद स्कूलों की सूची में डाल दिया गया है, लेकिन शिक्षा विभाग के अनुसार यह स्कूल तो वर्तमान में संचालित हो रहा है और आरटीई के अंतर्गत सिर्फ पांच बच्चे ही पढ़ रहे है तो शेष 16 गरीब बच्चे गए कहां? और वर्तमान में इस स्कूल को कौन संचालित कर रहा है और किसकी अनुमति से संचालित कर रहा है?
0आरटीई पोर्टल में पंजीयन ही नहीं
शिकायतकत्र्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय को यह बताया है कि गौतम टेकनो स्कूल आरटीई पोर्टल में पंजीकृत ही नहीं है और आदित्य खरे, आरटीई नोडल ऑफिसर यह जानकारी दे रहे है कि यह स्कूल वर्तमान में संचालित हो रहा है और इसमें आरटीई के अंतर्गत पांच बच्चे पढ़ रहे है। शिकायतकत्र्ता का कहना है कि जब शिक्षा विभाग यह कह रहा है कि इस स्कूल के संचालकगण लापता है, स्कूल को बंद स्कूलों की सूची में डाल दिया गया। डीपीआई को इसकी जानकारी दे दिया, तो कौन बिना अनुमति के इस स्कूल को वर्तमान में संचालित कर रहा है? आरटीई के गरीब बच्चे अन्य प्रायवेट स्कूलों में पैसे देकर क्यो पढ़ रहे है, इस स्कूल को तो आरटीई पोर्टल में पंजीयन तक नहीं कराया गया है, तो एक लाख सैंतालिस हजार किसको दे दिया?
विभाग ने कहा सब ठीक है
शिक्षा विभाग के आरटीई नोडल ऑफिसर आदित्य खरे ने अखबारों के माध्यम से उच्च अधिकारियों और आम जनता को दिनांक 1 जून को यह बताया कि गौतम टेकनो स्कूल में प्रतिपूर्ति राशि में कोई गड़बड़ी नहीं हुई और शिकायत निराधार है, क्योंकि स्कूल संचालित हो रहा है और उसमे वर्तमान में पांच गरीब बच्चे आरटीई के अंतर्गत पढ़ रहे और शेष 16 बच्चों को अन्य स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है।
जांच कराने की हुई मांग
शिकायतकत्र्ता ने प्रधानमंत्री को शिकायत कर उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर जांच कराने की मांग की है, क्योंकि बताया गया है कि आरटीई प्रतिपूर्ति राशि का गबन किया गया है।

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