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छत्तीसगढ़ सरकार की सार्थक पहल : पहुंचविहीन 222 राशन दुकानों को नियमित पहुंच क्षेत्र में लाने कार्ययोजना

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बस्तर संभाग के 130 राशन दुकानों को अपनी मूल पंचायतों में शुरू करने के निर्देश
छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग केे अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा ने की पीडीएस सिस्टम की समीक्षा

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 एवं छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 के प्रावधानों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बाबरा ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने तथा खाद्य सुरक्षा का नेटवर्क सुदृढ़ करने के लिए बारिश के मौसम में पहंुचविहीन हो जाने वाली 222 राशन दुकानों को नियमित पहंुच क्षेत्र के अंतर्गत लाने की कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 130 राशन दुकाने जो अपने मूल पंचायतों में संचालित नही है, उनकों मूल पंचायतों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। बैठक में विगत दो वर्षो के दौरान राज्य के पीडीएस के क्रियान्वयन की त्रैमासिक समीक्षा रिपोर्ट की अनुशंसाओं पर शीघ्र कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंत्योदय, प्राथमिकता एवं सामान्य राशनकार्ड धारी परिवार को प्रतिमाह उचित मूल्य की दुकानों से मिलने वाली राशन सामग्री चावल, शक्कर, नमक, गुड़ आदि की समीक्षा की। इसके अलावा भारत सरकार से प्रवासी मजदूरों के लिए प्राप्त चावल के अतिरिक्त आबंटन के वितरण की भी समीक्षा की गई। मध्यान्ह भोजन योजना, पूरक पोषण आहार योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा छात्रावास एवं आश्रमों को प्रदाय चावल योजना की भी समीक्षा की गई। इन सभी योजनाओं की शिकायत निवारण प्रणाली की समीक्षा की गई। खाद्य विभाग के कॉल संेटरों में प्राप्त शिकायतों तथा जिला शिकायत निवारण अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों को समय सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पीडीएस, पूरक पोषण आहार योजना और मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रदाय की जाने वाली राशन सामग्रियों की गुणवत्ता का विशेष रूप से निगरानी करने कहा गया है। बैठक में आयोग के सदस्य श्री अशोक चौधरी, श्रीमती विद्या जगत, श्री अशोक सोनवानी सहित खाद्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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शौर्यपथ

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