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विष्णु के सुशासन में तेंदूपत्ता संग्राहकों के जीवन में आई बहार

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हरा सोना संग्राहको के घर-परिवार की जरूरतें हो रही पूरी
तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि मिल रहा है अब 5500 रूपये प्रति मानक बोरा
बालोद/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के वनांचल में तेन्दूपत्ता को हरा सोना माना गया है, जो कि वनांचल के तेन्दूपत्ता संग्राहको की आय का प्रमुख स्रोत भी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में तेंदूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने तथा उनकी आमदनी में बढ़ोतरी करने तेंदूपत्ता संग्रहण का पारिश्रमिक दर 4000 रूपये मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है, जिसका लाभ तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिल रहा है। इससे वनांचल में रहने वाले तेन्दूपत्ता संग्राहको में काफी खुशी है। बालोद जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम सल्हाईटोला की श्रीमती रेखा भूआर्य ने बताया कि वह खेती-किसानी मजदूरी के साथ ही तेन्दूपत्ता सीजन में तेन्दूपत्ता संग्रहण का काम भी करती है। उसने बताया कि गर्मी के दिनों में तेन्दूपत्ता तोड़ाई और उसका बंडल बनाने में काफी समय और मेहनत लगता है जिसके पश्चात उसे खरीदी केन्द्र भी ले जाना पड़ता है। पहले हमारी इस मेहनत का हमें 4000 रूपये प्रति मानक बोरा के मान से राशि का भुगतान होता था। श्रीमती रेखा ने खुश होकर बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने हमारे जैसे तेन्दूपत्ता संग्राहकों की मेहनत को महत्व देते हुए तेन्दूपत्ता पारिश्रमिक राशि को 4000 रूपये से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है। श्रीमती रेखा भूआर्य ने बताया कि अब 5500 रूपये प्रति मानक बोरा की दर से राशि मिलने पर हम अपने बच्चों के बेहतर पढ़ाई लिखाई, घर की जरूरतों को पूरा करने तथा अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे है। उसने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हम वनांचल के रहवासियों की मेहनत को सम्मानित किया है। इसके लिए हम उनका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करते है।

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शौर्यपथ

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