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“खेलों से सशक्त भारत” – उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने केन्द्रीय बैठक में रखे सुझाव Featured

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नवोदय और एकलव्य विद्यालयों में खेलों पर विशेष ध्यान, प्रशिक्षकों की कोचिंग क्षमता उन्नत करने पर जोर

रायपुर / शौर्यपथ।
उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। यह बैठक खेल एवं युवा विकास से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर केंद्रित रही। श्री साव मुंगेली कलेक्टोरेट से ऑनलाइन जुड़े।

बैठक में युवाओं को खेलों से जोड़ने और देश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए ‘खेलो इंडिया’ योजना की तर्ज पर नई युवा कल्याण योजना शुरू करने पर विचार किया गया। इसके साथ ही प्रत्येक राज्य में खेल विश्वविद्यालयों की स्थापना, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के क्षेत्रीय केंद्रों की संख्या बढ़ाने, खेल अधोसंरचना के रखरखाव हेतु विशेष बजट प्रावधान तथा एकीकृत डिजिटल खेल मंच के विकास जैसे मुद्दों पर भी गहन चर्चा की गई।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि—

  • नवोदय और एकलव्य विद्यालयों में खेलों पर विशेष फोकस किया जाए।

  • सभी स्कूलों और कॉलेजों में नियमित खेल गतिविधियों के लिए विशेष कार्ययोजना बने।

  • केंद्र और राज्य सरकार के विद्यालयों में खेल अधोसंरचना विकसित की जाए और आवश्यक स्टाफ की भर्ती की जाए।

  • साई (SAI) के क्षेत्रीय केंद्रों में प्रशिक्षकों की कोचिंग क्षमता और कौशल का उन्नयन किया जाए।

  • खेल कोटे से नियुक्त खिलाड़ियों को केवल खेल संबंधी जिम्मेदारियां दी जाएं ताकि उनके अनुभव का लाभ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को मिल सके।

श्री साव ने विश्वविद्यालय स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने, खेल अधोसंरचना के विस्तार और व्यवस्थित खेल नीति तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने खेल अधोसंरचना की निगरानी (मॉनिटरिंग) के लिए भी विशेष कार्ययोजना बनाने का सुझाव दिया।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री साव के साथ मुंगेली की अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और एसडीएम अजय शतरंज भी उपस्थित रहे।

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शौर्यपथ

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