दुर्ग पुलिस के 6 'अपनों' को सम्मान सहित विदाई, SSP बोले: आप पुलिस परिवार की प्रेरणा हैं
दुर्ग,। शौर्यपथ।: दिवाली की जगमगाहट हो या होली के रंग, समाज में शांति और सुरक्षा की जो अटूट डोर बंधी रहती है, उसके पीछे 'खाकी के सिपाही' की वर्षों की अथक तपस्या और कुर्बानी होती है। एक पुलिसकर्मी का जीवन सिर्फ ड्यूटी नहीं, बल्कि समाज की ढाल बनकर अपने त्योहारों और खुशियों को कुर्बान कर देने की अमर गाथा है।
आज दुर्ग पुलिस परिवार में ऐसे ही छह जांबाज़ों के लिए एक बेहद भावुक और सम्मानजनक क्षण आया, जब वे वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद सेवानिवृत्त होकर अपने परिवारों के साथ नई जिंदगी का सफर शुरू करने जा रहे हैं।
कर्तव्य पथ पर 40 साल की तपस्या
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय, 30 सितम्बर 2025 को दुर्ग में आयोजित इस विदाई समारोह में 02 सहायक उप निरीक्षक (ASI रामचंद कंवर और ASI बसंत राम भोई), 03 प्रधान आरक्षक (प्रधान आरक्षक 1297 रमन लाल, 1028 हरख राम और 811 सेमसन मसीह) और 01 आरक्षक (आरक्षक 273 प्रमोद कुमार शर्मा) को ससम्मान विदाई दी गई। इन सभी अधिकारियों/कर्मचारियों ने लगभग 35 से 40 वर्षों तक पुलिस विभाग में अपनी अमूल्य सेवाएँ दीं।
समारोह में जब सेवानिवृत्त हो रहे इन अधिकारियों ने अपनी सेवा के अनुभव साझा किए, तो माहौल भावुक हो गया। यह सिर्फ नौकरी नहीं थी; यह देश, समाज और हर नागरिक की सुरक्षा के लिए समर्पित किया गया जीवन था। इन कहानियों में त्याग, समर्पण, और वर्दी के प्रति निष्ठा की महक थी।
SSP का नमन: 'आप हमारे परिवार की प्रेरणा हैं'
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग श्री विजय अग्रवाल, भापुसे., ने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा, "आप सभी ने पुलिस विभाग में पूर्ण क्षमता और निष्ठा से इतने वर्षों तक जो कार्य किया है, उसके लिए मैं हृदय से आपकी प्रशंसा करता हूँ और पुलिस विभाग की ओर से हार्दिक अभिनंदन करता हूँ।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों द्वारा साझा किए गए अनुभव और उनकी बातें हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा, "हम सभी एक परिवार के रूप में हैं, और जब कभी भी पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारी/कर्मचारियों को हमारी आवश्यकता होगी, हम सदैव मदद के लिए तत्पर रहेंगे।"
श्री विजय अग्रवाल ने सभी सेवानिवृत्त योद्धाओं और उनके परिजनों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
आम जनता के लिए संदेश
यह समारोह पुलिस और आम जनता दोनों के लिए एक गहरा संदेश देता है: 'खाकी' का हर जवान हमारे समाज की अदृश्य नींव है, जिस पर हम सुरक्षित और आनंदमय जीवन जीते हैं। जब हम बिना विवाद के त्यौहार मनाते हैं, राजनीतिक और धार्मिक आयोजनों में शांति का अनुभव करते हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि एक पुलिसकर्मी ने अपनी खुशियों को दांव पर लगाया है।
सेवानिवृत्ति एक अधिकारी के जीवन में एक नया अध्याय है, जहां वे अब समाज के लिए किए गए अपने महान कार्य के गौरव के साथ अपने परिवार के सपनों को पूरा करेंगे।
इस भावुक अवसर पर श्री अभिषेक झा, रापुसे. (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण), श्री चन्द्र प्रकाश तिवारी (उप पुलिस अधीक्षक, लाईन), श्री विनोद मिन्ज (उप पुलिस अधीक्षक, मुख्यालय) सहित पुलिस परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे।
बधाई और शुभकामनाएँ! आपकी सेवाएँ सदैव अविस्मरणीय रहेंगी।