रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का आवास एवं पर्यावरण विभाग बीते दो वर्षों में वित्तीय अनुशासन, किफायती आवास, निवेश प्रोत्साहन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर चुका है। यह बात आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेसवार्ता में कही।
मंत्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को 735 करोड़ रुपये का ऋण चुकाकर पूरी तरह ऋणमुक्त किया गया। अविक्रित संपत्तियों के निपटान हेतु लागू की गई ओटीएस-2 योजना के अंतर्गत 9 माह में 1251 संपत्तियों का विक्रय कर 190 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया। भविष्य में अविक्रित स्टॉक से बचने के लिए मांग आधारित निर्माण नीति लागू की गई है, जिसमें न्यूनतम पंजीयन के बाद ही निर्माण प्रारंभ होगा।
नवा रायपुर अटल नगर देश का पहला ऋणमुक्त ग्रीनफील्ड शहर बन गया है, जहां 1,345 करोड़ रुपये का ऋण चुकाकर 5,030 करोड़ मूल्य की भूमि एवं संपत्तियां गिरवी मुक्त की गईं। यहां 132 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क, सेमीकंडक्टर व आईटी सेक्टर में 3,800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावित हैं, जिससे 30,000 से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है।
नवा रायपुर को टेक-हब, कॉन्फ्रेंस कैपिटल, वेडिंग डेस्टिनेशन और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। 400 करोड़ की इनलैंड मरीना, 230 करोड़ की साइंस सिटी, 120 करोड़ का आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर और मेडी सिटी जैसी परियोजनाएं शहर को नई पहचान देंगी।
नगर एवं ग्राम निवेश विभाग द्वारा किफायती जन आवास नियम-2025 लागू कर कृषि भूमि पर भी किफायती आवास की अनुमति दी गई है। औद्योगिक नियमों में संशोधन कर निर्माण को सरल और व्यावहारिक बनाया गया है। वहीं, पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा रियल टाइम उत्सर्जन निगरानी प्रणाली लागू कर पर्यावरणीय अनुशासन को सशक्त किया गया है।
मंत्री चौधरी ने कहा कि आवास एवं पर्यावरण विभाग की ये उपलब्धियां छत्तीसगढ़ को वित्तीय रूप से सशक्त, निवेश-अनुकूल, पर्यावरण-संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित राज्य के रूप में स्थापित करती हैं। नवा रायपुर अटल नगर विकसित छत्तीसगढ़ की सोच का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है।