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छत्तीसगढ़ 2025: रजत जयंती वर्ष और विकास के नए सोपान Featured

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शौर्यपथ विशेष 2025

वर्ष 2025 छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज किया गया है। राज्य ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर "रजत जयंती" मनाई। यह वर्ष न केवल उत्सवों का रहा, बल्कि राज्य ने बुनियादी ढांचे, शांति बहाली, आर्थिक सुदृढ़ीकरण और सांस्कृतिक गौरव के क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं।

1. रजत जयंती महोत्सव और राष्ट्रीय गौरव
1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर नया रायपुर में भव्य "राज्य उत्सव" का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समारोह का उद्घाटन करते हुए आगामी वर्ष को "अटल निर्माण वर्ष" के रूप में घोषित किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन और एक अत्याधुनिक डिजिटल जनजाति संग्रहालय का लोकार्पण किया गया, जो राज्य की आधुनिक दृष्टि और गौरवशाली अतीत के संगम का प्रतीक बना।

2. नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक विजय
सुरक्षा के मोर्चे पर साल 2025 एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ। राज्य सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के कड़े प्रहार के चलते बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद अपने अंतिम दौर में पहुँच गया है। इस वर्ष रिकॉर्ड 1,562 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, बड़े नक्सली नेटवर्क को ध्वस्त करने में मिली सफलता ने राज्य में शांति और विकास की नई राहें खोली हैं।

3. आर्थिक क्रांति और निवेश के नए आयाम
छत्तीसगढ़ अब केवल एक कृषि प्रधान राज्य नहीं, बल्कि भारत के टॉप 10 निवेश गंतव्य राज्यों में शामिल हो चुका है।

लिथियम नीलामी: छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना जिसने अपने लिथियम ब्लॉक की सफल ई-नीलामी की, जिससे यह भविष्य की 'क्लीन एनर्जीÓ और इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक का केंद्र बनने की राह पर है।
बजट 2025-26: राज्य ने 1.65 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश किया, जिसमें 'त्र्रञ्जढ्ढÓ (बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास) पर विशेष जोर दिया गया।
कृषि समृद्धि: 'कृषक उन्नति योजनाÓ के माध्यम से किसानों को सीधे लाभ पहुँचाया गया और तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया।

4. वैश्विक मंच पर सांस्कृतिक पहचान
छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति ने सात समुंदर पार अपनी चमक बिखेरी। जापान के ओसाका में आयोजित विश्व एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ के मंडप ने रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की। बस्तर की 'डोकरा कलाÓ और जनजातीय शिल्प को देखने के लिए प्रतिदिन हजारों विदेशी पर्यटक उमड़े। इसके अतिरिक्त, राज्य द्वारा पर्यटन को "पूर्ण उद्योग का दर्जा" देने से 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो स्थानीय रोजगार के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

5. सामाजिक सशक्तिकरण: नारी शक्ति और शिक्षा
वर्ष 2025 में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को नई उड़ान मिली। 'लखपति दीदीÓ अभियान के तहत राज्य की 74,000 से अधिक महिलाओं ने 1 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय अर्जित कर एक मिसाल पेश की। साथ ही, 'महतारी वंदन योजनाÓ के निरंतर क्रियान्वयन ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार किया है। शिक्षा और स्वास्थ्य में नवाचार के लिए छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार द्वारा "सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य" के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

6. बुनियादी ढांचा और भविष्य की योजनाएं
शहरी विकास के क्षेत्र में रायपुर और दुर्ग के बीच मेट्रो रेल परियोजना के व्यवहार्यता अध्ययन की शुरुआत एक बड़ी सुखद खबर रही। वहीं, नया रायपुर में 'फार्मास्यूटिकल पार्कÓ की स्थापना ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए हैं। खेल के क्षेत्र में भी रायपुर ने "भारत गोल्फ महोत्सव" की सफल मेजबानी कर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को मजबूत किया है।

चुनौतियों के बावजूद, साल 2025 छत्तीसगढ़ के लिए एक "सफल और सुखद" वर्ष रहा है। एक तरफ जहां बस्तर के जंगलों में गोलियों की गूँज कम हुई है, वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक और डिजिटल क्रांति की लहर ने राज्य के कोने-कोने को छुआ है। रजत जयंती के इस पड़ाव पर छत्तीसगढ़ 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़Ó के संकल्प को चरितार्थ करते हुए देश के एक अग्रणी और विकसित राज्य के रूप में उभर रहा है।

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