महासमुन्द ब्यूरो संतराम कुर्रे
कोमाखान (जिला महासमुंद)। शिखर युवा मंच द्वारा एसबीआई फाउंडेशन एवं एसबीआईएसजी ग्लोबल के सहयोग से संचालित जीवनम् मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) परियोजना के अंतर्गत महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के चयनित गांवों में निरंतर स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी सेवाएं दी जा रही हैं। यह परियोजना दूरस्थ, ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है।
परियोजना के माध्यम से अब तक लगभग 12 हजार ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल चुका है। हाल ही में 10,506 से अधिक मरीजों को मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए घर-द्वार पर ओपीडी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही हड्डी रोग, त्वचा रोग, महिलाओं एवं बुजुर्गों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए चार विशेष विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें आवश्यक लैब जांच सुविधाएं भी प्रदान की गईं।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ स्वच्छ भारत अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम बोकरामुड़ा खुर्द में स्वच्छ भारत अभियान का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ जिला पंचायत उपाध्यक्ष भिखम सिंह ठाकुर ने सरस्वती पूजन के साथ किया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। ग्राम स्वच्छता समिति के सदस्यों ने घर-आंगन की नियमित सफाई, गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण तथा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की जानकारी दी।
ग्राम सरपंच गौतम मांझी ने गांव में 10 नाडेप टैंक निर्माण की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इससे जैविक कचरे का उचित निपटान कर गांव को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता रैली का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों, महिलाओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
इस अवसर पर संस्था की ओर से ग्राम के 216 परिवारों को स्वच्छता किट, डस्टबिन और झाड़ू का वितरण किया गया, जिससे प्रत्येक परिवार घरेलू कचरे का बेहतर प्रबंधन कर सके। यह पहल ग्रामीण सहभागिता को मजबूत करने के साथ-साथ स्वच्छ भारत अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, मितानिन कार्यकर्ताओं, ग्राम स्वास्थ्य समिति और स्थानीय समुदाय का सराहनीय सहयोग रहा। शिखर युवा मंच की टीम, परियोजना स्टाफ और ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयास से यह अभियान गांव में स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता की मिसाल बनता जा रहा है।