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लोकतंत्र की आत्मा है पत्रकारिता, चौथे स्तंभ का जीवित रहना अनिवार्य : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

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पत्रकार भवन के लिए 25 लाख की घोषणा, कहा—साहस, सत्य और जिम्मेदारी ही सच्ची पत्रकारिता की पहचान

 सारंगढ़। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही नहीं, बल्कि उसकी आत्मा है। पत्रकारिता धर्म का जीवित रहना लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। वे आज सारंगढ़ के गुरु घासीदास पुष्प वाटिका स्थित जैतखाम में पूजा-अर्चना के पश्चात आयोजित प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
कार्यशाला में समसामयिक विषयों, मीडिया की बदलती भूमिका, नई तकनीक और जिम्मेदार पत्रकारिता पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति द्वारा खेल, शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों को “सारंगढ़ रत्न” सम्मान से नवाजा गया।
उप मुख्यमंत्री साव ने सारंगढ़ में पत्रकार भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं पत्रकारों को नई चुनौतियों से निपटने, सजगता और सावधानी के साथ कार्य करने की दिशा देती हैं।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता कोई सहज या आसान कार्य नहीं, बल्कि यह अत्यंत परिश्रम, साहस और जिम्मेदारी से जुड़ा दायित्व है। पत्रकार लोकतंत्र के सजग प्रहरी हैं। सवाल पूछने का अधिकार ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है, जिसे पत्रकारिता जीवंत बनाए रखती है। हौसला और जज़्बा ही सच्चे पत्रकार की पहचान है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता के सामने कई नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। विशेष रूप से प्रिंट मीडिया के लिए यह समय कठिन है। ऐसे में पत्रकारिता मूल्यों और चौथे स्तंभ का जीवित रहना लोकतंत्र के लिए और भी आवश्यक हो गया है।
उन्होंने सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों से आग्रह किया कि वे खबरों की होड़ से बचें और तथ्यों की पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही समाचार प्रसारित करें। बिना सत्यापन की सूचना किसी के मान-सम्मान और करियर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
श्री साव ने कहा कि भारत जैसे प्राचीन लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। इतिहास साक्षी है कि पत्रकारों ने अंग्रेजी हुकूमत और तानाशाही के खिलाफ संघर्ष किया है, इसी कारण आज भी समाज में पत्रकारों को विशेष सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त है।
कार्यशाला में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह, नितिन सिन्हा, नरेश चौहान, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे।

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