⚡ 48 घंटे में पैसा खातों में, प्रतिदिन 3 लाख मीट्रिक टन की खरीदी
रायपुर ।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अभियान ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य में अब तक 23.48 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचकर इस व्यवस्था का सीधा लाभ उठाया है। सरकार की पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध प्रणाली के चलते किसानों में उत्साह का माहौल है और खरीदी केंद्रों पर व्यापक सहभागिता देखने को मिल रही है।
धान खरीदी के एवज में अब तक किसानों को ₹29,597 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। यह भुगतान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुरूप सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है। इतनी बड़ी राशि का सुचारू और त्वरित हस्तांतरण राज्य की मजबूत वित्तीय प्रबंधन क्षमता और किसान हितैषी नीतियों का प्रमाण है।
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि धान विक्रय के 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और किसानों को समय पर धनराशि मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। त्वरित भुगतान के कारण किसान आगामी कृषि कार्यों की योजना भी आसानी से बना पा रहे हैं।
आगामी तीन दिनों में लगभग 1.5 लाख और किसानों के धान विक्रय के लिए केंद्रों पर पहुँचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पहले ही सुनिश्चित कर ली हैं। तौल, परिवहन, भंडारण और भुगतान प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
इसी अवधि में 70,000 से अधिक नए टोकन जारी किए जाने की संभावना है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 22,000 टोकन जारी किए जा रहे हैं। टोकन व्यवस्था ने भीड़ नियंत्रण, समय की बचत और व्यवस्थित खरीदी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई है।
राज्य में प्रतिदिन औसतन 3 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है, जो इस अभियान की व्यापकता और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है। इतनी बड़ी मात्रा में खरीदी के बावजूद गुणवत्ता परीक्षण, तौल और भंडारण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो।
कुल मिलाकर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी किसान-केंद्रित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित मॉडल के रूप में उभरकर सामने आई है। समयबद्ध टोकन, तेज़ खरीदी और 48 घंटे के भीतर भुगतान ने किसानों का विश्वास मजबूत किया है और यह अभियान प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला साबित हो रहा है।