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भिलाई के मयंक जैन ने अमेरिका में बढ़ाया हिंदी का मान ,'हिंदी-यूएसए" को अमेरिकी शैक्षणिक संस्था ्रACS-WASC की मान्यता

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भिलाई। शौर्यपथ /

इस्पात नगरी भिलाई के लिए यह गर्व का क्षण है। भिलाई निवासी एवं अमेरिका में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर मयंक जैन के नेतृत्व में हिंदी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। उनकी संस्था हिंदी-यूएसए को अमेरिका की प्रतिष्ठित वैधानिक संस्था एक्रीडिटिंग कमीशन फॉर स्कूल्स – वेस्टर्न एसोसिएशन ऑफ स्कूल्स एंड कॉलेजेस (्रष्टस्-ङ्ख्रस्ष्ट) से प्रारंभिक मान्यता प्राप्त हुई है।
अमेरिका के सेंट लुइस, मिसूरी में रह रहे मयंक जैन ने बताया कि यह मान्यता विस्तृत आत्म-मूल्यांकन और ङ्ख्रस्ष्ट की आधिकारिक निरीक्षण टीम द्वारा शैक्षणिक संरचना, शिक्षण पद्धतियों और नेतृत्व क्षमता के गहन परीक्षण के बाद दी गई। उन्होंने कहा कि यह लगभग दो वर्षों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है, जो अमेरिका में हिंदी के प्रचार-प्रसार को नई मजबूती देगा।
ङ्ख्रस्ष्ट निरीक्षण समिति की सदस्य एलिज़ाबेथ ओबरराइटर ने हिंदी-यूएसए के पाठ्यक्रम और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ के पूर्व छात्र आज स्वयं शिक्षक बनकर समाज को योगदान दे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि हिंदी-यूएसए अमेरिका के 29 स्कूलों में संचालित एक पंजीकृत गैर-लाभकारी संस्था है, जो 4,000 से अधिक छात्रों को हिंदी शिक्षा प्रदान कर रही है। यह उपलब्धि भिलाई, छत्तीसगढ़ और पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।

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