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पर्यटन, संस्कृति और धर्मस्व विभाग को मिला 492 करोड़ से अधिक का बजट, पर्यटन विकास और धार्मिक स्थलों के संवर्धन पर सरकार का फोकस

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पर्यटन बजट में 55% वृद्धि • मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के लिए 100 करोड़ • श्री रामलला दर्शन योजना और शक्तिपीठ विकास को बढ़ावा

रायपुर ।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 492 करोड़ 20 लाख रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। विभागीय मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत बजट पर चर्चा के बाद सदन ने इसे मंजूरी दी।

इस बजट में पर्यटन विभाग के लिए 344 करोड़ रुपए, संस्कृति विभाग के लिए 98.20 करोड़ रुपए तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और धार्मिक आस्था से जुड़ी परंपराओं से है। राज्य सरकार इन तीनों क्षेत्रों के समन्वित विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान मिल सके।


पर्यटन विभाग के बजट में 55 प्रतिशत की वृद्धि

पर्यटन विभाग के बजट में इस वर्ष पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 55 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

  • मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रमुख पर्यटन स्थलों की अधोसंरचना, स्वच्छता, पेयजल और पर्यटक सुविधाओं का विकास होगा।

  • छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

  • छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना के लिए 5 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।


श्री रामलला दर्शन योजना के लिए 36 करोड़

मंत्री ने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 52 विशेष ट्रेनों से लगभग 44 हजार श्रद्धालुओं को निःशुल्क अयोध्या दर्शन कराया जा चुका है। इस योजना के लिए 36 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।


जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना में 75% तक सब्सिडी

मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य के नागरिकों को आईआरसीटीसी के माध्यम से पर्यटन स्थलों के भ्रमण पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए बजट में 3 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।


सिरपुर को हेरिटेज स्थल के रूप में किया जाएगा विकसित

सिरपुर एकीकृत विकास योजना के तहत 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसके माध्यम से सिरपुर को बौद्ध थीम आधारित हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।


पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए 100 करोड़

पर्यटन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत:

  • भोरमदेव कॉरिडोर विकास

  • जशपुर के मयाली और बगीचा क्षेत्र में पर्यटन विकास

  • कैलाश गुफा क्षेत्र का विकास

  • नया रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर निर्माण

साथ ही बस्तर टूरिज्म सर्किट और जशपुर टूरिज्म सर्किट के विकास पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।


संस्कृति और पुरातत्व विभाग के लिए 98.20 करोड़

संस्कृति और पुरातत्व विभाग के बजट में 98 करोड़ 20 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।

  • राजकीय मानव संग्रहालय की स्थापना

  • छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय और अभिलेखागार का निर्माण

  • भारत भवन निर्माण

  • पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय विकास

इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।


कलाकारों को आर्थिक सहायता में वृद्धि

अर्थाभावग्रस्त साहित्यकारों और कलाकारों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि 2,000 रुपए से बढ़ाकर 5,000 रुपए कर दी गई है।

इसके लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।


धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए 50 करोड़

धार्मिक स्थलों के विकास और व्यवस्थाओं के लिए 50 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसके अंतर्गत:

  • मंदिरों के जीर्णोद्धार

  • धर्मशालाओं का निर्माण

  • प्रमुख धार्मिक मेलों का आयोजन

राजिम कुंभ, गिरौदपुरी मेला, बस्तर दशहरा, जशपुर दशहरा और डोंगरगढ़ नवरात्रि मेला जैसे प्रमुख आयोजनों को और बेहतर बनाने के लिए बजट प्रावधान किया गया है।


✔ मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक आस्था छत्तीसगढ़ की पहचान के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इन क्षेत्रों के विकास से न केवल राज्य की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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