रायपुर / शौर्यपथ /
डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ बैठकर भोजन किया और स्वयं भोजन परोसते हुए सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संविधान देश के लोकतंत्र की आत्मा है, जो 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दृढ़ संकल्प से समाज के वंचित, शोषित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जीवन समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने नारी सशक्तिकरण पर भी जोर देते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा शुरू किए गए शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने नई दिशा दी। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को “पंच तीर्थ” के रूप में विकसित कर उन्हें स्थायी सम्मान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बाबा साहेब के जीवन को संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि संविधान के माध्यम से कमजोर वर्गों को सशक्त करने की मजबूत व्यवस्था की गई है, जिसे वर्तमान सरकार अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।